किडनी की पथरी kidney stones – Symptoms and causes in Hindi

21
kidneystones
kidneystones

किडनी की पथरी

Contents hide

kidney stones

किडनी की पथरी (Calculi) मिनरल्स और नमक से बनी ऐसी  ठोस जमावट होती है, जो  गुर्दे  में या मूत्रमार्ग में पाई जाती है। मूत्रपथ में गुर्दे, मूत्रवाहिनी (Ureter), मूत्राशय (Bladder), मूत्रमार्ग, (urethra) होते है। इसमें बहुत ज्यादा दर्द होता है। इनका साइज़  छोटे से लेकर बड़ा हो सकता है परन्तु अगर पथरी 5 एमएम से बड़ी हो तो यह पेशाब  रुकावट पैदा कर ती  है इसे नज़रअंदाज़ न करे ।  सामान्यतः यह पर्याप्त पानी न पीने , कैल्शियम या सोडियम की अधिक मात्रा आहार में लेने, किसी दवाई  की वजह से ,अनुवांशिक कारण से भी हो सकता है।

इसे भी पढ़ेंः    अलसी के फायदे Benefits Of Flax seeds in Hindi

शरीर में पथरी बनने के कारण–

पानी पर्याप्त मात्रा में न पीना

नमक का अधिक सेवन

जंक फ़ूड,कोल्ड ड्रिंक  का अधिक सेवन, गलत जीवन शैली होना।

अधिक प्रोटीन का सेवन जैसे माँसाहारी भोजन ( मछली चिकन ,बीफ आदि )

बैंगन टमाटर पालक आदि का सेवन जिसमे सोडियम की मात्रा अधिक हो वह सोडियम स्टोन बने में सहायता करता है।इसके आलावा मूंगफली चुकंदर चॉकोलेट और जिमीकंद का सेवन से भी बचे।

किडनी की पथरी के लषण (किडनी स्टोन का कैसे पता चलता है?)

उलटी आना / जी मचलना।
पेशाब  का रंग लाल या भूरा हो जाना।
पेशाब में दुर्गन्ध आना, खून आना।
पेशाब करते समय दर्द या परेशानी होना।
पीठ में दर्द अनुभव होना पसलियों के नीचे या साइड में दर्द होना।
दर्द के साथ पसीना आना
बुखार आना

किडनी की पथरी में परहेज़ 

अधिक से अधिक पानी पिए
पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन ले।
सोडियम का सेवन कम करे,कोल्ड ड्रिंक ,जंक फ़ूड ,पैक्ड फ़ूड में सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है ऐसे भोजन के सेवन से बचे। ( नमक को खाद्य पदार्थ अधिकसमय के लिए  परेसेर्व करने के लिए प्रयोग किया जाता है )
बैंगन के बीज , टमाटर के बीज, उड़द ,चना ,पालक आदि का सेवन जिसमे सोडियम की मात्रा अधिक हो ,वह सोडियम स्टोन बने में सहायता करता है. इनका सेवन न करे।
माँसाहार से बचे ,यूरिक एसिड संतुलन में रखे।

किडनी में पथरी होने पर क्या खाना चाहिए?

किडनी की पथरी में राम बाण है अधिक पानी का सेवन।

इसे भी पढ़ेंः    अचारी भरवां भिन्डी - Achari Bharwan Bhindi Vegetarian Recipe

किडनी की पथरी में कुल्थी की दाल सप्ताह में एक बार जरूर सेवन करनी चाहिए।

राजमा को उबाकलकर उसके पानी का सेवन दिन में २ बार करे।

तरबूज़ का सेवन करे ,इसमें पानी और पोटैशियम की मात्रा अधिक है ,जो  पथरी के निकलने में उपयोगी है।

रोज़ अनार के जूस का सेवन किडनी की पथरी में लाभकारी है ,इसके क्षारीय गुण पेशाब में ऐसिड का संतुलन बने रखता है।

चौलाई के साग-सब्ज़ी का सेवन किडनी की पथरी में बहुत उपयोगी है। यह पथरी को गलने का काम करती है।

सेब के सिरके के ऐसिडिक  गुण , किडनी स्टोन को घुलने में मदद करता है। 1 गिलास गुनगुने पानी 2 चम्मच एप्पल विनेगर व 1 चम्मच शहद मिलाकर दिन में बार-बार पिएँ।

ताज़े भुट्टे के बाल उबाल कर उस पानी का सेवन करे इससे पेशब बार बार आने से पथरी के कण  निकल जायेगे।

किडनी की पथरी में तुलसी का आदिक से आदिक उपयोग करना चाहिए ,कुछ पत्ते खाली पेट खाना बहुत लाभप्रद है।

व्हीट ग्रास को पानी में उबालकर ठण्डा कर लें, इसके कुछ समय  सेवन से गुर्दे की पथरी और गुर्दे से अन्य बिमारियों में काफी आराम मिलता है।

लगभग 2 बेलपतर  को पानी के साथ मिक्सी में  पीस लें और इसमें थोड़ी सी  काली मिर्च मिलाकर पी ले , इसका दो सप्ताह तक  सेवन करने से गुर्दे की पथरी निकल आती है।

इसे भी पढ़ेंः    मैसूर बोन्डा रेसिपी Maisoor Bonda

परन्तु अगर पथरी का साइज़  5 एमएम से बड़ी हो तो यह पेशाब  रुकावट पैदा कर सकती  है इसे नज़रअंदाज़ न करे । आवश्यक उपाय अपनाये।

कृपया ध्यान दें उपलब्ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। Read More