शरद पू्र्णिमा – Sharad Purnima मां लक्ष्मी पूजा करने वालों पर बरसाएंगी धन

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शरद पू्र्णिमा - Sharad Purnima मां लक्ष्मी पूजा करने वालों पर बरसाएंगी धन
शरद पू्र्णिमा - Sharad Purnima मां लक्ष्मी पूजा करने वालों पर बरसाएंगी धन

शरद पूर्णिमा, आश्विन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं, जिसे कोजागरी पूर्णिमा या रास पूर्णिमा भी कहते हैं, कहते हैं ये दिन इतना शुभ और सकारात्मक होता है कि छोटे से उपाय से बड़ी-बड़ी विपत्तियां टल जाती हैं शास्त्रों के अनुसार देवी लक्ष्मी का जन्म शरद पूर्णिमा के दिन हुआ था। इसलिए धन प्राप्ति के लिए भी ये तिथि सबसे उत्तम मानी जाती है। इस रात को चंद्रमा अपनी पूरी सोलह कलाओं के प्रदर्शन करते हुए दिखाई देते हैं और रात भर अमृत की वर्षा करता है। ऐसे में इस रात को आसमान में खीर रखने से खीर अमृत समान होती है।

शरद पूर्णिमा के दिन सुबह अपने इष्ट देवता का ध्यान करते हुए पूजा अर्चना करनी चाहिए, शाम में चंद्रोदय के समय महालक्ष्मी जी का पूजन करके चांदी या मिट्टी से बने घी के दिए जलायें, प्रसाद के लिए घी युक्त खीर बना कर चांद की चांदनी में रखें, लगभग एक प्रहर (6 घंटे) बीत जाएं, माता लक्ष्मी को यह खीर अर्पित करें, ब्राह्माणों को खीर का भोजन कराये।  इस दिन काले रंग का प्रयोग न करें, चमकदार सफेद रंग के वस्त्र धारण करें तो ज्यादा अच्छा होगा।

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