गर्मियों में गोंद कतीरा खाने के फायदे, सही तरीका और नुकसान (Gond Katira)

gond katira benefits in hindi
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4 गोंद कतीरा के 15 स्वास्थ्य लाभ

गोंद कतीरा क्या है? जानिए क्यों इसे प्राकृतिक सुपरफूड माना जाता है

गर्मियों में शरीर की बढ़ती गर्मी, डिहाइड्रेशन, थकान और बार-बार होने वाली कमजोरी से परेशान हैं? ऐसे में आपने कई लोगों को गोंद कतीरा खाने की सलाह देते हुए जरूर सुना होगा।

आयुर्वेद में वर्षों से उपयोग किया जाने वाला गोंद कतीरा एक प्राकृतिक पदार्थ है, जिसे ठंडक देने वाले खाद्य पदार्थों में गिना जाता है। लेकिन क्या यह केवल शरीर को ठंडा रखने के लिए ही उपयोगी है, या इसके और भी स्वास्थ्य लाभ हैं?

इस लेख में जानिए:

  • गोंद कतीरा क्या होता है?
  • इसके पोषक तत्व
  • गोंद कतीरा के वैज्ञानिक और पारंपरिक स्वास्थ्य लाभ
  • किन लोगों को इसका सेवन करना चाहिए?
  • किन परिस्थितियों में सावधानी बरतनी चाहिए?
  • इसे खाने का सही तरीका और सही मात्रा
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गोंद कतीरा क्या है?

गोंद कतीरा (Tragacanth Gum) एक प्राकृतिक गोंद है जो मुख्य रूप से Astragalus प्रजाति के पौधों से प्राप्त होता है। यह सूखे हुए क्रिस्टल या टुकड़ों के रूप में मिलता है।

जब इसे पानी में 8 से 10 घंटे तक भिगोया जाता है, तो यह फूलकर जेली जैसा पारदर्शी रूप ले लेता है। यही इसका सेवन करने का सही तरीका माना जाता है।

आयुर्वेद में इसे शीतल (Cooling), बलवर्धक और शरीर को ऊर्जा देने वाला माना गया है।


गोंद कतीरा में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?

गोंद कतीरा में मुख्य रूप से पाए जाते हैं:

  • प्राकृतिक घुलनशील फाइबर
  • पॉलीसैकराइड्स
  • कैल्शियम
  • मैग्नीशियम
  • पोटैशियम
  • थोड़ी मात्रा में प्रोटीन
  • प्राकृतिक प्लांट कंपाउंड

यह कम कैलोरी वाला पदार्थ है और इसमें वसा लगभग नहीं के बराबर होती है।


गोंद कतीरा के 15 स्वास्थ्य लाभ

1. शरीर को प्राकृतिक ठंडक पहुंचाने में मदद कर सकता है

गर्मियों में शरीर का तापमान बढ़ने पर गोंद कतीरा ठंडक प्रदान करने वाला पारंपरिक खाद्य माना जाता है। इसी कारण इसका उपयोग शरबत, ठंडाई और अन्य पेयों में किया जाता है।


2. डिहाइड्रेशन से बचाव में सहायक

भिगोने के बाद इसमें बनने वाला जेल शरीर में पानी बनाए रखने में मदद कर सकता है। गर्म मौसम में यह लाभदायक माना जाता है।


3. कब्ज की समस्या में राहत

इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर मल को नरम बनाने और नियमित मल त्याग में सहायता कर सकता है।


4. पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद

फाइबर आंतों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होता है। यह अच्छे बैक्टीरिया के विकास में भी सहायक हो सकता है।


5. लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद

फाइबर की वजह से भूख जल्दी नहीं लगती, जिससे अधिक खाने की आदत कम हो सकती है।


6. वजन नियंत्रण में सहायक

यदि संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम के साथ लिया जाए, तो यह वजन प्रबंधन में मदद कर सकता है।


7. त्वचा को हाइड्रेट रखने में मदद

पर्याप्त पानी के साथ सेवन करने पर यह त्वचा की नमी बनाए रखने में सहायक हो सकता है।

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8. कमजोरी और थकान में पारंपरिक रूप से उपयोग

आयुर्वेद में इसे ऊर्जा बढ़ाने वाला माना गया है। हालांकि इस लाभ पर अधिक वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता है।


9. जोड़ों के स्वास्थ्य में सहायक

पारंपरिक चिकित्सा में इसे जोड़ों की परेशानी में उपयोग किया जाता रहा है, लेकिन इसे इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।


10. गर्मी से होने वाली समस्याओं में उपयोगी

लू, अत्यधिक पसीना और शरीर में गर्मी महसूस होने जैसी स्थितियों में लोग इसका सेवन करते हैं।


11. मुंह के छालों में राहत

शरीर की गर्मी कम करने वाले खाद्य पदार्थ के रूप में इसे पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता है।


12. महिलाओं के स्वास्थ्य में पारंपरिक उपयोग

प्रसव के बाद कई क्षेत्रों में महिलाओं को पौष्टिक आहार के रूप में गोंद कतीरा दिया जाता है। हालांकि इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार करना चाहिए।


13. नींद और रिकवरी में अप्रत्यक्ष लाभ

यदि शरीर में पानी की कमी और अत्यधिक गर्मी कम होती है, तो कुछ लोगों को बेहतर आराम महसूस हो सकता है।


14. इम्यून हेल्थ के लिए सहायक

फाइबर से भरपूर भोजन स्वस्थ आंतों के माध्यम से प्रतिरक्षा प्रणाली को अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग दे सकता है।


15. प्राकृतिक फाइबर का अच्छा स्रोत

जो लोग अपने आहार में फाइबर बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए यह उपयोगी विकल्प हो सकता है।


किन बीमारियों में गोंद कतीरा लाभदायक हो सकता है?

महत्वपूर्ण: गोंद कतीरा किसी भी बीमारी की दवा नहीं है। यह केवल संतुलित आहार का हिस्सा हो सकता है।

कब्ज

  • मल को नरम बनाने में मदद
  • नियमित मल त्याग में सहायता

गर्मी और डिहाइड्रेशन

  • शरीर को ठंडक देने में सहायक
  • पानी की कमी से बचाव में मदद

मोटापा

  • भूख नियंत्रित करने में सहायक
  • अधिक खाने की आदत कम करने में मदद

प्रीडायबिटीज या टाइप 2 डायबिटीज

  • फाइबर भोजन के बाद शुगर के बढ़ने की गति को धीमा करने में मदद कर सकता है।
  • यदि आप मधुमेह की दवा लेते हैं, तो सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
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हाई कोलेस्ट्रॉल

  • घुलनशील फाइबर एलडीएल कोलेस्ट्रॉल कम करने में योगदान दे सकता है।

एसिडिटी

  • कुछ लोगों में पेट को आराम महसूस हो सकता है, लेकिन यह सभी पर समान प्रभाव नहीं डालता।

गोंद कतीरा खाने का सही तरीका

सबसे पहले इसे 8 से 10 घंटे पानी में भिगो दें।

सुबह यह पूरी तरह फूलकर जेली जैसा बन जाएगा।

इसके बाद आप इसे इनमें मिला सकते हैं:

  • ठंडा दूध
  • सादा पानी
  • नींबू पानी
  • गुलाब शरबत
  • छाछ
  • लस्सी
  • फलों के शेक

एक दिन में कितनी मात्रा लें?

सामान्यतः

  • 5 से 10 ग्राम भिगोया हुआ गोंद कतीरा पर्याप्त माना जाता है।
  • अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट फूलना, गैस या दस्त जैसी समस्या हो सकती है।

गोंद कतीरा खाते समय ये सावधानियां जरूर रखें

  • इसे हमेशा अच्छी तरह भिगोकर ही खाएं।
  • पर्याप्त पानी पिएं।
  • पहली बार कम मात्रा से शुरुआत करें।
  • यदि किसी प्रकार की एलर्जी हो तो सेवन बंद करें।
  • छोटे बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह न दें।
  • गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान डॉक्टर से सलाह लेकर ही सेवन करें।
  • यदि आपको आंतों में रुकावट, निगलने में कठिनाई या गंभीर पाचन रोग है, तो इसका सेवन करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लें।
  • यदि आप नियमित रूप से दवाइयां लेते हैं, तो गोंद कतीरा और दवाओं के बीच कम से कम 2 घंटे का अंतर रखें क्योंकि अधिक फाइबर कुछ दवाओं के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या गोंद कतीरा रोज खा सकते हैं?

हाँ, सीमित मात्रा में अधिकांश स्वस्थ लोग इसका सेवन कर सकते हैं।


क्या डायबिटीज के मरीज गोंद कतीरा खा सकते हैं?

सीमित मात्रा में खा सकते हैं, लेकिन यदि आप शुगर की दवा या इंसुलिन लेते हैं तो पहले डॉक्टर से सलाह लें।


क्या गोंद कतीरा वजन कम करता है?

यह सीधे वजन नहीं घटाता, लेकिन फाइबर के कारण पेट देर तक भरा महसूस हो सकता है, जिससे वजन नियंत्रण में मदद मिल सकती है।


क्या गोंद कतीरा गर्मियों में ही खाना चाहिए?

गर्मियों में इसका उपयोग अधिक लोकप्रिय है, लेकिन आवश्यकता और स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार अन्य मौसमों में भी सीमित मात्रा में लिया जा सकता है।

 

कृपया ध्यान दें उपलब्ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। Read More