Suhanjane Ke Phool Ki Sabji – Live healthy life https://livehealthylife.in Live Healthy Live Long Mon, 24 Jan 2022 08:24:10 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.2.11 https://livehealthylife.in/wp-content/uploads/2017/02/logo-150x150.png Suhanjane Ke Phool Ki Sabji – Live healthy life https://livehealthylife.in 32 32 सहजन (मोरिंगा) के फूल की सब्जी – Sahjan (Moringa) Ke Phool Ki Sabji (Drumstick ) in hindi https://livehealthylife.in/suhanjane-ke-phool-ki-sabji/ https://livehealthylife.in/suhanjane-ke-phool-ki-sabji/#respond Mon, 24 Jan 2022 12:26:56 +0000 http://livehealthylife.in/?p=2271 सहजन के फूल की सब्जी – Sahjan Ke Phool Ki Sabji (Drumstick) Moringa sabji in hindi,   

सहजन के लाभ – Health benefits of Drumstick

सहजन के फूल की सब्जी बनाने के लिए सामग्री :

  • सहजन के फूल -250 ग्राम
  • अदरक -1 बड़ा टुकड़ा  कद्दुकस किया
  • लहसुन की कालियां -7-8 बारीक कटे
  • प्याज़ -2 बड़े आकार  के बारीक कटे
  • हरी मिर्च -1 बारीक कटी
  • टमाटर -3 से 4   कद्दुकस किये
  • ऑयल -2  बड़ा चम्मच
  • नमक स्वादानुसार
  • लाल मिर्च -आधी चम्मच
  • हल्दी -आधी चम्मच

मोरिंगा के फूल की सब्जी बनाने के लिए विधि :

सहजन (मोरिंगा) के फूल कड़वे होते है अतः इन्हें नमक के पानी में 10  से 15 मिनट उबाल लें ,जब पानी ठंडा हो जाये तब अलग से ठन्डे पानी से २ बार निचोड़ कर निकाल ले इससे इन की कड़वाहट दूर हो जायगी।

एक पैन में ऑयल गर्म कर ,बारीक कटी लहसुन की कालियां डालकर भुने।

अब इसमें बारीक कटे प्याज़ डालकर भुने।

प्याज़ भुन जाने पर इसमें हरी मिर्च कद्दुकस किया अदरक और कद्दुकस किया टमाटर डालकर भुने ,साथ ही इसमें ठन्डे पानी से निचोडे हुए सहजन के फूल भी डाले।  सभी सामग्री को अच्छे से मिला दे।

अब इसमें नमक, लाल मिर्च ,हल्दी डाले और स्पून से मिला कर ढक  दे।

5 से 7 मिनट  बाद ढक्कन हटा कर चेक करे आयल अलग से पैन पर दिखने लगेगा।

आपकी सब्जी तैयार है चपाती के साथ सर्व करे।

सहजन के लाभ – Sahjan ki fali khane aur Sahjan ke patte ke fayde in Hindi

अनेक पोषक तत्त्वों से भरपूर होने के कारण यह उपयोगी और स्वास्थ्यवर्धक है, सहजन की फली, हरी पत्तियों व सूखी पत्तियों में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन-ए, सी और बी कॉम्पलैक्स प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।इसमें दूध की तुलना में ४ गुना कैलशियम और दुगना प्रोटीन पाया जाता है।

( सहजन, सेंजन, मोरिंगा या सहजन की सब्जी खाने से गुर्दे और मूत्राशय की पथरी कटकर निकल जाती है। सहजन के फूल की सब्जी शुगर की रोगी , पुराने गठिया व जोड़ों के दर्द व वायु संचय, वात रोगों में अत्यंत लाभकारी है )

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सहजन के लाभ – Health benefits of Drumstick https://livehealthylife.in/benefits-of-drumstick-health-sahjan/ https://livehealthylife.in/benefits-of-drumstick-health-sahjan/#respond Fri, 02 Dec 2016 12:39:56 +0000 http://livehealthylife.in/?p=2272 सहजन के लाभ – Health benefits of Drumstick, Home remedies 

सहजन के फूल की सब्जी

सहजन में विटामिन ए होता है जो कि पुराने समय से ही सौंदर्य के लिये प्रयोग किया आता जा रहा है। इस हरी सब्जी को अक्सर खाने से बुढापा दूर रहता है। इससे आंखों की रौशनी भी अच्छी होती है।

  • सहजन के छाल में शहद मिलाकर पीने से वात, व कफ रोग शांत हो जाते है|
  • इसकी पत्ती का काढ़ा बनाकर पीने से गठिया,शियाटिका ,पक्षाघात,वायु विकार में शीघ्र लाभ पहुंचता है|
  • शियाटिका के तीव्र वेग में इसकी जड़ का काढ़ा तीव्र गति से चमत्कारी प्रभाव दिखता है।
  • मोच इत्यादि आने पर सहजन की पत्ती की लुगदी बनाकर सरसों तेल डालकर आंच पर पकाएं तथा मोच के स्थान पर लगाने से शीघ्र ही लाभ मिलने लगता है |
  • इसकी सब्जी खाने से पुराने गठिया , जोड़ों के दर्द, वायु संचय , वात रोगों में लाभ होता है।
  • सहजन के ताज़े पत्तों का रस कान में डालने से दर्द ठीक हो जाता है।
  • सहजन की सब्जी खाने से गुर्दे और मूत्राशय की पथरी कटकर निकल जाती है।
  • इसकी जड़ की छाल का काढा सेंधा नमक और हिंग डालकर पिने से पित्ताशय की पथरी में लाभ होता है।
  • इसके पत्तों का रस बच्चों के पेट के किडें निकालता है और उलटी दस्त भी रोकता है।
  • इसका रस सुबह शाम पीने से उच्च रक्तचाप में लाभ होता है।
  • इसकी पत्तियों के रस के सेवन से मोटापा धीरे धीरे कम होने लगता है।
  • इसकी छाल के काढ़े से कुल्ला करने पर दांतों के कीड़ें नष्ट होते है और दर्द में आराम मिलता है।
  • इसके कोमल पत्तों का साग खाने से कब्ज दूर होती है।
  • इसकी जड़ का काढे को सेंधा नमक और हिंग के साथ पिने से मिर्गी के दौरों में लाभ होता है।
  • इसकी पत्तियों को पीसकर लगाने से घाव और सुजन ठीक होते है।
  • सर दर्द में इसके पत्तों को पीसकर गर्म कर सिर में लेप लगाए या इसके बीज घीसकर सूंघे।
  • कैन्सर व पेट आदि शरीर के आभ्यान्तर में उत्पन्न गांठ, फोड़ा आदि में सहजन की जड़ का अजवाइन, हींग और सौंठ के साथ काढ़ा बनाकर पीने का प्रचलन है। इसका  काढ़ा साइटिका (पैरों में दर्द), जोड़ो में दर्द, लकवा, दमा, सूजन, पथरी आदि में लाभकारी है।
  • सहजन में हाई मात्रा में ओलिक एसिड होता है जो कि एक प्रकार का मोनोसैच्युरेटेड फैट है और यह शरीर के लिये अति आवश्यक है।
  • सहजन में विटामिन सी की मात्रा बहुत होती है। विटामिन सी शीर के कई रोगों से लड़ता है, खासतौर पर सर्दी जुखाम से। अगर सर्दी की वजह से नाक कान बंद हो चुके हैं तो, आप सहजन को पानी में उबाल कर उस पानी का भाप लें। इससे जकड़न कम होगी।
  • इसका जूस गर्भवती को देने की सलाह दी जाती है। इससे डिलवरी में होने वाली समस्या से राहत मिलती है और डिलवरी के बाद भी मां को तकलीफ कम होती है।
  • आप सहजन को सूप के रूप में पी सकते हैं, इससे शरीर का रक्त साफ होता है। पिंपल जैसी समस्याएं तभी सही होंगी जब खून अंदर से साफ होगा।
  • सहजन के फूल उदर रोगों व कफ रोगों में इसकी फली वात व उदरशूल में पत्ती नेत्ररोग, मोच आदि में उपयोगी है।
  • सहजन की जड़ दमा, जलोधर, पथरी,प्लीहा रोग आदि के लिए उपयोगी है तथा छाल का उपयोग शियाटिका गठियाए,यकृत आदि रोगों के लिए श्रेयष्कर है।
  • सहजन की पत्ती की लुगदी बनाकर सरसों तेल डालकर आंच पर पकाएं तथा मोच के स्थान पर लगाने से शीघ्र ही लाभ मिलने लगता है।
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