diwali – Live healthy life https://livehealthylife.in Live Healthy Live Long Fri, 27 Oct 2023 06:44:26 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.2.11 https://livehealthylife.in/wp-content/uploads/2017/02/logo-150x150.png diwali – Live healthy life https://livehealthylife.in 32 32 दिवाली पूजा – शुभ मुहूर्त 4 नवंबर 2021 | Lakshmi Pujan Diwali shubh mahurat https://livehealthylife.in/diwali-2021-on-4-november-know-lakshmi-pujan-diwali-muhurat-2021-on-festival-of-lights/ https://livehealthylife.in/diwali-2021-on-4-november-know-lakshmi-pujan-diwali-muhurat-2021-on-festival-of-lights/#respond Wed, 03 Nov 2021 09:14:33 +0000 https://livehealthylife.in/?p=5065 दिवाली पूजा – शुभ मुहूर्त 4 नवंबर 2021 ( Lakshmi Pujan)

दिवाली का त्योहार कार्तिक मास की अमावस्या को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, इस साल ये तिथि 4 नवंबर 2021 को पड़ रही है। दिवाली देश के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है, दिवाली 2021 पर शुभ मुहूर्त और सही विधि से पूजा करने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है, दिवाली का त्योहार 4 नवंबर गुरूवार को है कि बाजारों में इसकी धूम अभी से दिखने लग गई है, इस दिन दीप जलाकर मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है, दिवाली को दीपावली के नाम से भी जाना जाता है, दिवाली का त्योहार धनतेरस पर्व से शुरू होकर भैया दूज पर खत्म होता है, वैसे तो कार्तिक माह लगते ही त्योहारों की झड़ी लग जाती है, अश्विन की शरद पूर्णिमा से ही कार्तिक लग जाता है, इस महीने में कई त्योहार मनाए जाते हैं, इसी माह में दिवाली, गोवर्धन पूजा , भैया दूज  और छठ पूजा जैसे बड़े त्योहार आते हैं।

दीपदान 
दीपावली के दिन दीपदान का विशेष महत्त्व होता है। नारदपुराण के अनुसार इस दिन मंदिर, घर, नदी, बगीचा, वृक्ष, गौशाला तथा बाजार में दीपदान देना शुभ माना जाता है।
मान्यता है कि इस दिन यदि कोई श्रद्धापूर्वक मां लक्ष्मी की पूजा करता है तो, उसके घर में कभी भी दरिद्रता का वास नहीं होता। इस दिन गायों के सींग आदि को रंगकर उन्हें घास और अन्न देकर प्रदक्षिणा की जाती है।

 

दिवाली पूजा – शुभ मुहूर्त 2021

दीपावली की तिथि – 4 नवंबर 2021 (गुरुवार)

अमावस्या तिथि शुरू – 4 नवंबर 2021 सुबह 06:03 बजे से

अमावस्या तिथि समाप्त – 5 नवंबर 2021 सुबह 02:44 बजे तक

दिवाली पर पूजा का शुभ मुहूर्त:

समय: शाम 06:09 से 08:20 बजे तक

अवधि – 1 घंटा 55 मिनट

प्रदोष काल- 17:34:09 शाम से 20:10:27 तक

वृषभ काल- 18:10:29 शाम से 20:06:20 तक

निशिता काल मुहूर्त दिवाली:

निशिता काल – रात 11:39 से 00:31 बजे तक

सिन्हा लग्न – 00:39 रात से 02:56 तक

इस मंत्र का करें उच्चारण
ऊं अपवित्र: पवित्रोवा सर्वावस्थां गतो पिवा ।
य: स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तर:।।

पूजा में आवश्यक साम्रगी
महालक्ष्मी पूजा या दिवाली  पूजा के लिए रोली, चावल, पान- सुपारी, लौंग, इलायची, धूप, कपूर, घी या तेल से भरे हुए दीपक, कलावा, नारियल, गंगाजल, गुड़, फल, फूल, मिठाई, दूर्वा, चंदन, घी, पंचामृत, मेवे, खील, बताशे, चौकी, कलश, फूलों की माला, शंख, लक्ष्मी व गणेश जी की मूर्ति, थाली, चांदी का सिक्का, 11 दिए आदि वस्तुएं पूजा के लिए एकत्र कर लेना चाहिए।

पूजन  विधि
किसी भी कार्य या पूजन को शुरू करने से पहिले श्री गणेश का पूजन किया जाता हैं। भगवान गणेश को स्नान कराएं। वस्त्र अर्पित करें। गंध, पुष, अक्षत अर्पित करें।
अब देवी लक्ष्मी का पूजन शुरू करें। माता लक्ष्मी की चांदी, पारद या स्फटिक की प्रतिमा का पूजन से भी उत्तम फल की प्राप्ति होती है। जिस मूर्ति में माता लक्ष्मी की पूजा की जानी है। उसे अपने पूजा घर में स्थान दें। मूर्ति में माता लक्ष्मी आवाहन करें। आवाहन यानी कि बुलाना। माता लक्ष्मी को अपने घर बुलाएं। माता लक्ष्मी को अपने अपने घर में सम्मान सहित स्थान देें। यानी कि आसन दें। अब माता लक्ष्मी को स्नान कराएं। स्नान पहले जल से फिर पंचामृत से और वापिस जल से स्नान कराएं।
अब माता लक्ष्मी को वस्त्र अर्पित करें। वस्त्रों के बाद आभूषण पहनाएं। अब पुष्पमाला पहनाएं। सुगंधित इत्र अर्पित करें। अब कुमकुम तिलक करें। अब धूप व दीप अर्पित करें। माता लक्ष्मी को गुलाब के फूल विशेष प्रिय है। बिल्वपत्र और बिल्व फल अर्पित करने से भी महालक्ष्मी की प्रसन्नता होती है। 11 या 21 चावल अर्पित करें। श्रद्धानुसार घी या तेल का दीपक लगाएं। आरती करें। आरती के पश्चात् परिक्रमा करें। अब नेवैद्य अर्पित करें। महालक्ष्मी पूजन के दौरन ’’ऊँ महालक्ष्मयै नमः’’इस मंत्र का जप करते रहें।

 

लक्ष्मीजी की आरती

 जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता ।
तुमको निशिदिन सेवत हर विष्णु धाता ॥ ॐ ॥
उमा रमा ब्रह्माणी, तुम ही जग माता ।
सूर्य चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥ ॐ ॥
दुर्गा रुप निरंजिनि, सुख सम्पति दाता ।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋधि सिधि धन पाता ॥ ॐ ॥
तुम पाताल निवासिनी, तुम ही शुभदाता ।
कर्म प्रभाव प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता ॥ ॐ ॥
जिस घर तुम रहती तह सब सदुण आता ।
सब सम्भव हो जाता, मन नहिं घबराता ॥ ॐ ॥
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न हो पाता ।
खान पान का वैभव सब तुमसे आता ॥ ॐ ॥
शुभ गुण मन्दिर सुन्दर क्षीरोदधि जाता ।
रत्न चतुर्दश तुम बिन कोई नहीं पाता ॥ ॐ ॥
महालक्ष्मी जी की आरती, जो कोई नर गाता ।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता ॥ ॐ ॥

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धनतेरस पर समृद्धि प्राप्ति के उपाय, मिलेगा तिगुना लाभ, जानें शुभ मुहूर्त https://livehealthylife.in/dhanteras-2021-date-time-muhurat-for-investment-shopping/ https://livehealthylife.in/dhanteras-2021-date-time-muhurat-for-investment-shopping/#respond Thu, 28 Oct 2021 08:00:44 +0000 https://livehealthylife.in/?p=5077 धनतेरस 2 नवंबर 2021 मंगलवार
धनतेरस त्रयोदशी (धनसमृद्धि का द‌िन)


दीपावली से पहले , कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को ये त्योहार मनाया जाता है। २०२१ में धनतेरस 2 नवंबर मंगलवार को मनाया जायगा।
धनतेरस 2021 दिनांक- 2 नवंबर, मंगलवार


धन त्रयोदशी पूजा का शुभ मुहूर्त:
शाम 5:25 से शाम 6:00 बजे तक।
प्रदोष काल: शाम 05:39 से 20:14 बजे तक।
वृषभ काल: शाम 06:51 से 20:47 तक।

धनतेरस के खास मौके पर हमारी संस्कृति और मान्यताओं के अनुसार कुछ न कुछ खरीदने का प्रचलन है। वैसे पुरानी मान्यताओं के अनुसार इस खास दिन पर बर्तन खरीदने की प्रथा में लोगों का यकीन काफी अधिक है। दीपावली से पहले धनतेरस पर घर में कुछ खास चीजें लाने से धन की प्राप्ति होती है।
धनतेरस यानी अपने धन को 13 गुणा बनाने का द‌िन,इसके साथ ही एक कथा जुडी हुई है ।

धनतेरस की कथा की मान्यता के अनुसार – माँ लक्ष्मी को विष्णु जी का श्राप था कि उन्हें 13 वर्षों तक उनको किसान के घर में रहना होगा। श्राप के दौरान किसान का घर धनसंपदा से भर गया। श्रापमुक्ति के उपरांत जब विष्णुजी लक्ष्मी को लेने आए तब किसान उन्हें रोकना चाहता था तब लक्ष्मीजी ने कहा कल त्रयोदशी है तुम साफसफाई करना, दीप जलाना और मेरा आह्वान करना। किसान ने लक्ष्मी जी के कहे अनुसार ही किया और लक्ष्मी की कृपा प्राप्त की । तब ही से लक्ष्मी पूजन कीप्रथा चल निकली।

इस दिन भगवान धनवन्तरी समुद्र से कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिये इस दिन खास तौर से बर्तनों की खरीदारी की जाती है। इस दिन बर्तन, चांदी खरीदने से इनमें 13 गुणा वृ्द्धि होने की संभावना होती है। इसके साथ ही इस दिन सूखे धनिया के बीज खरीद कर घर में रखना भी परिवार की धन संपदा में वृ्द्धि करता है। दीपावली के दिन इन बीजों को खेतों में लागाया जाता है ये बीज व्यक्ति की उन्नति व धन वृ्द्धि के प्रतीक होते है।

धनतेरस की विशेष बात यह है कि इस दिन चांदी या पीतल खरीदना चाहिए ,जो घर में स्वास्थ्य समृद्धि ,आरोग्य और सौभाग्य लाती है सोना नहीं खरीदें क्योंकि इस दिन सोना खरीदने से घर में चंचलता आ सकती है । बल्कि पुष्य नक्षत्र में खरीदे सोना की इस दिन विधिवत पूजा जा सकता है । इससे घर में लक्ष्मी का शुभ स्थायी वास होता है।

देवी लक्ष्मी जी का प्रतीक होता है झाडू। धनतेरस के दिन घर में नई झाडू लाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर चली जाती हैं और साफ घर में लक्ष्मी जी प्रवेश करती हैं।

Prosperity tips for Dhanteras
धनतेरस पर समृद्धि प्राप्ति के उपाय

साबुत धनिया :
धनतेरस के दिन साबुत धनिया खरीदें। पूरी रात लक्ष्मी जी के सामने साबुत धनिया रखा रहने दें। अगले दिन प्रातः साबुत धनिए को गमले में बो दें,जिससे हमारी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होती है।

नमक :
धनतेरस पर नमक का नया पैकेट खरीदें। खाना बनाने में नया नमक ही प्रयोग करें। इससे धन की आवक में वृद्धि होगी। घर के उत्तर पूर्व कोने में थोड़ा सा नमक कटोरी अथवा छोटी डिब्बी में डालकर रख सकते हैं। इससे घर की नकारात्मकता खत्म होगी और धनागमन के साधन बनने लगेंगे।

कौड़ी :
धनतेरस के दिन कौड़ी खरीद कर घर लाएं और अपार धन प्राप्ति हेतु धनतेरस की रात्रि उनका षडोषोपचार पूजन कर केसर से रंगकर कौड़ियां पीले कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें। आश्चर्यजनक रूप से घर में धन का आगमन होगा।


कमल गट्टे :

घी में कमल गट्टे मिलाकर लक्ष्मी को प्रसाद चढ़ाने से व्यक्ति राजा जैसा जीवन जीता है। इसके अतिरिक्त 108 कमल गट्टों की माला लक्ष्मी जी पर चढ़ाने से व्यक्ति को स्थिर लक्ष्मी प्राप्त होती है। धन और बरकत के लिए कमल गट्टे की माला घर में रखें।

गांठ वाली पीली हल्दी :

धनतेरस के दिन शुभ मुहूर्त देखकर बाजार से गांठ वाली पीली हल्दी अथवा काली हल्दी को घर लाएं। इस हल्दी को कोरे कपड़े पर रखकर स्थापित करें तथा षडोशपचार से पूजन करें।
धनतेरस पर झाड़ू खरीदना भी शुभ है. इस दिन झाड़ू खरीदकर लाने से दरिद्रता और नकारत्मक ऊर्जा दूर चली जाती है.

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ऐसे करें दीपावली पूजन, घर आएंगी सुख – समृद्धि -14 नवंबर (शनिवार) Diwali Poojan for wealth, health & prosperity https://livehealthylife.in/diwali-poojan-for-wealth-health-prosperity-2020/ https://livehealthylife.in/diwali-poojan-for-wealth-health-prosperity-2020/#respond Wed, 11 Nov 2020 02:42:09 +0000 https://livehealthylife.in/?p=4524 ऐसे करें दीवाली पूजन, घर आएंगी सुख-समृद्धि – Diwali Poojan for wealth,  health & prosperity

सनातन हिन्दू धर्म में मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहार दिवाली ,जिसे कार्तिक महीने की अमावस्या के दिन बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है । हमारे हिन्दू धर्म शास्त्रों में ऐसी मान्यता है कि भगवान राम चौदह वर्ष के वनवास बिताने के बाद अयोध्या लौटे थे। राम जी के आने की खुशी में समस्त अयोध्यावासियों ने अपने-अपने घर में घी के दिए जलाए थे जिससे अमावस्या की रात भी रोशन हो गई थी, इसलिए दिवाली को प्रकाशोत्सव पर्व भी कहा जाता है। इस बार दिवाली 14 नवंबर (शनिवार) को देशभर में मनाई जाएगी। इस खास अवसर पर माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है। आइये जाने दिवाली पूजन का शुभ मुहूर्त –

श्री महालक्ष्मी पूजन 

शुभ लग्न 

इस वर्ष अमावस तिथि 12 नवंबर 2023  दोपहर 2 बजकर 44 मिनट से आरम्भ  होकर अगले दिन 13 नवंबर 2023, सोमवार की दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर समाप्त होगी।

  • लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ मुहूर्त (प्रदोष काल): शाम 5 बजकर 40  मिनट से रात्रि 7  बजकर 36 तक।
    अभिजित काल (व्यापारिक प्रतिष्ठान) : दोपहर 12 बजकर 09 मिनट से शाम 04 बजकर 05 मिनट तक।
  • लक्ष्मी पूजा के लिए महानिशीथ काल मुहूर्त :रात 11 बजकर 39 मिनट से मध्यरात्रि 12 बजकर 31 मिनट तक।

पूजन सामग्री :

  • लक्ष्मी गणेश जी की प्रतिमा
  • चांदी का सिक्का
  • रोली, मोली, चावल ,धूप ,अगरबत्ती  ,कपूर ,नारियल ,कलश ,देसी घी ,दीपमाला ,पुष्पमाला ,गुलाब पुष्प ,5 पान की पत्ते ,5 लौंग ,सुपारी ,इलायची ,मिष्ठान ,खील बताशे ,5 फल ,गंगाजल ,पिली सरसों , इत्र , दही, शहद  ,बूरा, पंचमेवा  .

पूजन विधि :

  • सबसे पहले स्वयं पवित्र होकर पूजन स्थान पवित्र कर ले। 3 बार आचमन करे अपने ऊपर और पूजा सामग्री पर निम्न मन्त्र पड़कर जल छिड़के।

ॐ उपवित्र: पवित्रो वा सर्वास्थां गतो पि वा।

य स्मरेत् मुण्डरीकाक्षं स ब्राहाभश्रयन्तरः शुचि।।

  • पूर्वाभिमुख या उत्तराभिमुख हो पूजन की लिय किसी चौकी या कपड़े के पवित्र आसन पर गणेश जी के दाहिने भाग में लक्ष्मी जी को स्थापित करे।
  • दीपक प्रज्ज्वलित करे।
  • पुष्प और चावल ले गणेश व लक्ष्मी जी ध्यान करे।दोनों की स्तुति करे।
  • स्नान कराय , पंचामृत सहित।
  • वस्त्र धारन कराये व् श्रृंगार करे।
  • भगवान के चन्दन लगाये व् कलावा बांधे तत्पश्चात स्वयं को।
  • पुष्प माला चढ़ाये, धुप दीप दर्शन कराये।
  • भोग प्रसाद चढ़ाये।
  • फल , पान चढ़ाये।
  • दक्षिणा चढ़ाये।
  • प्रार्थना करे और गणेश व लक्ष्मी जी की आरती करे।
  • परिक्रमा करे व पुष्प अर्पित करे।
  • प्रसाद वितरण करे व् स्वयं भी ग्रहण करे।

इन चीजो के प्रयोग से साल भर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा :

मेन गेट पर फूलों से भरा बर्तन रखें
मेन गेटपर बने हो लक्ष्मीजी के पदचिह्न
तोरण सजाने से आती है पॉजीटिव एनर्जी
मेन गेट पर लगाए कमल पर बैठी मां लक्ष्मी की तस्वीर
मेन गेटपर बनाएं स्वास्तिक
मेन गेट पर लिखना चाहिए शुभ-लाभ

माँ लक्ष्मी जी की आरती

ॐ जय लक्ष्मी माता, तुमको निस दिन सेवत,
मैया जी को निस दिन सेवत
हर विष्णु विधाता || ॐ जय ||

उमा रमा ब्रम्हाणी, तुम ही जग माता
ओ मैया तुम ही जग माता
सूर्य चन्द्र माँ ध्यावत, नारद ऋषि गाता || ॐ जय ||

दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पति दाता
ओ मैया सुख सम्पति दाता
जो कोई तुम को ध्यावत, ऋद्धि सिद्धि धन पाता || ॐ जय ||

तुम पाताल निवासिनी, तुम ही शुभ दाता
ओ मैया तुम ही शुभ दाता
कर्म प्रभाव प्रकाशिनी, भव निधि की दाता || ॐ जय ||

जिस घर तुम रहती तहँ सब सदगुण आता
ओ मैया सब सदगुण आता
सब सम्ब्नव हो जाता, मन नहीं घबराता || ॐ जय ||

तुम बिन यज्ञ न होता, वस्त्र न कोई पाता
ओ मैया वस्त्र ना पाटा
खान पान का वैभव, सब तुम से आता || ॐ जय ||

शुभ गुण मंदिर सुन्दर, क्षीरोदधि जाता
ओ मैया क्षीरोदधि जाता
रत्ना चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता || ॐ जय ||

धुप दीप फल मेवा, माँ स्वीकार करो
मैया माँ स्वीकार करो
ज्ञान प्रकाश करो माँ, मोहा अज्ञान हरो || ॐ जय ||

महा लक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता
ओ मैया जो कोई गाता
उर आनंद समाता, पाप उतर जाता || ॐ जय ||

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ऐसे करें दीवाली पूजन, घर आएंगी सुख-समृद्धि – Diwali Poojan for wealth, health & prosperity https://livehealthylife.in/diwali-poojan-for-wealth-health-prosperity/ https://livehealthylife.in/diwali-poojan-for-wealth-health-prosperity/#respond Sat, 29 Oct 2016 03:51:44 +0000 http://livehealthylife.in/?p=2144 ऐसे करें दीवाली पूजन, घर आएंगी सुख-समृद्धि – Diwali Poojan for wealth,  health & prosperity

सनातन हिन्दू धर्म में मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहार दिवाली ,जिसे कार्तिक महीने की अमावस्या के दिन बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है । हमारे हिन्दू धर्म शास्त्रों में ऐसी मान्यता है कि भगवान राम चौदह वर्ष के वनवास बिताने के बाद अयोध्या लौटे थे। राम जी के आने की खुशी में समस्त अयोध्यावासियों ने अपने-अपने घर में घी के दिए जलाए थे जिससे अमावस्या की रात भी रोशन हो गई थी, इसलिए दिवाली को प्रकाशोत्सव पर्व भी कहा जाता है। इस बार दिवाली 7 नवंबर 2018 को देशभर में मनाई जाएगी। इस खास अवसर पर माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है। आइये जाने दिवाली पूजन का शुभ मुहूर्त –

 

श्री महालक्ष्मी पूजन 

शुभ लग्न 

  • लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ मुहूर्त: शाम 17:57 से 19:53 तक।
    प्रदोष काल : शाम 17:27 बजे से 20:06 बजे तक।
    वृषभ काल : 17:57 बजे से 19:53 बजे से तक।

पूजन सामग्री :

  • लक्ष्मी गणेश जी की प्रतिमा
  • चांदी का सिक्का
  • रोली, मोली, चावल ,धूप ,अगरबत्ती  ,कपूर ,नारियल ,कलश ,देसी घी ,दीपमाला ,पुष्पमाला ,गुलाब पुष्प ,5 पान की पत्ते ,5 लौंग ,सुपारी ,इलायची ,मिष्ठान ,खील बताशे ,5 फल ,गंगाजल ,पिली सरसों , इत्र , दही, शहद  ,बूरा, पंचमेवा  .

पूजन विधि :

  • सबसे पहले स्वयं पवित्र होकर पूजन स्थान पवित्र कर ले। 3 बार आचमन करे अपने ऊपर और पूजा सामग्री पर निम्न मन्त्र पड़कर जल छिड़के।

ॐ उपवित्र: पवित्रो वा सर्वास्थां गतो पि वा।

य स्मरेत् मुण्डरीकाक्षं स ब्राहाभश्रयन्तरः शुचि।।

  • पूर्वाभिमुख या उत्तराभिमुख हो पूजन की लिय किसी चौकी या कपड़े के पवित्र आसन पर गणेश जी के दाहिने भाग में लक्ष्मी जी को स्थापित करे।
  • दीपक प्रज्ज्वलित करे।
  • पुष्प और चावल ले गणेश व लक्ष्मी जी ध्यान करे।दोनों की स्तुति करे।
  • स्नान कराय , पंचामृत सहित।
  • वस्त्र धारन कराये व् श्रृंगार करे।
  • भगवान के चन्दन लगाये व् कलावा बांधे तत्पश्चात स्वयं को।
  • पुष्प माला चढ़ाये, धुप दीप दर्शन कराये।
  • भोग प्रसाद चढ़ाये।
  • फल , पान चढ़ाये।
  • दक्षिणा चढ़ाये।
  • प्रार्थना करे और गणेश व लक्ष्मी जी की आरती करे।
  • परिक्रमा करे व पुष्प अर्पित करे।
  • प्रसाद वितरण करे व् स्वयं भी ग्रहण करे।

इन चीजो के प्रयोग से साल भर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा :

मेन गेट पर फूलों से भरा बर्तन रखें
मेन गेटपर बने हो लक्ष्मीजी के पदचिह्न
तोरण सजाने से आती है पॉजीटिव एनर्जी
मेन गेट पर लगाए कमल पर बैठी मां लक्ष्मी की तस्वीर
मेन गेटपर बनाएं स्वास्तिक
मेन गेट पर लिखना चाहिए शुभ-लाभ

माँ लक्ष्मी जी की आरती

ॐ जय लक्ष्मी माता, तुमको निस दिन सेवत,
मैया जी को निस दिन सेवत
हर विष्णु विधाता || ॐ जय ||

उमा रमा ब्रम्हाणी, तुम ही जग माता
ओ मैया तुम ही जग माता
सूर्य चन्द्र माँ ध्यावत, नारद ऋषि गाता || ॐ जय ||

दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पति दाता
ओ मैया सुख सम्पति दाता
जो कोई तुम को ध्यावत, ऋद्धि सिद्धि धन पाता || ॐ जय ||

तुम पाताल निवासिनी, तुम ही शुभ दाता
ओ मैया तुम ही शुभ दाता
कर्म प्रभाव प्रकाशिनी, भव निधि की दाता || ॐ जय ||

जिस घर तुम रहती तहँ सब सदगुण आता
ओ मैया सब सदगुण आता
सब सम्ब्नव हो जाता, मन नहीं घबराता || ॐ जय ||

तुम बिन यज्ञ न होता, वस्त्र न कोई पाता
ओ मैया वस्त्र ना पाटा
खान पान का वैभव, सब तुम से आता || ॐ जय ||

शुभ गुण मंदिर सुन्दर, क्षीरोदधि जाता
ओ मैया क्षीरोदधि जाता
रत्ना चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता || ॐ जय ||

धुप दीप फल मेवा, माँ स्वीकार करो
मैया माँ स्वीकार करो
ज्ञान प्रकाश करो माँ, मोहा अज्ञान हरो || ॐ जय ||

महा लक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता
ओ मैया जो कोई गाता
उर आनंद समाता, पाप उतर जाता || ॐ जय ||

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