camphor ‘s benefits – Live healthy life https://livehealthylife.in Live Healthy Live Long Sat, 01 Dec 2018 02:38:36 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.2.11 https://livehealthylife.in/wp-content/uploads/2017/02/logo-150x150.png camphor ‘s benefits – Live healthy life https://livehealthylife.in 32 32 त्वचा रोग ,गठिया ,सर्दी ज़ुकाम सबमे दे आराम- कपूर camphor https://livehealthylife.in/benefits-of-camphor/ https://livehealthylife.in/benefits-of-camphor/#respond Sat, 01 Dec 2018 02:38:36 +0000 https://livehealthylife.in/?p=4637 त्वचा रोग ,गठिया ,सर्दी ज़ुकाम सबमे दे आराम- कपूर camphor

कपूर वानस्पतिक द्रव्य है। यह सफेद रंग का मोम की तरह का पदार्थ है। कपूर के पेड़ के सभी अंगों से कपूर की गंध आती रहती है। इसकी छाल को हल्का काटने से एक प्रकार का गोंद निकलता है जो सूखने के बाद कपूर कहलाता है।
यह वृक्ष चीन, जापान तथा फ़ारमोसा का आदि निवासी है, परंतु कपूर के उत्पादन के लिए अथवा बागों की शोभा के लिए अन्य देशों में भी उगाया जाता है। भारत में यह देहरादून, सहारनपुर, नीलगिरि तथा मैसूर आदि में पैदा किया जाता है। भारतीय कपूर वृक्ष छोटे होती हैं। जापानी कपूर- जापान आदि में लगभग 50 वर्ष पुराने वृक्षों के काष्ठ आसवन (distillation) से कपूर प्राप्त किया जाता है। किंतु भारत में यह पत्तियों से ही प्राप्त किया जाता है।

कपूर तीन विभिन्न वर्गों की वनस्पति से प्राप्त होता है। इसीलिए यह तीन प्रकार का होता है :

  • चीनी अथवा जापानी कपूर,
  • भीमसेनी अथवा बरास कपूर,

  • हिंदुस्तानी अथवा पत्रीकपूर।
  • आइये जाने कुछ उपयोगी बातें –

  • गठिया के दर्द से पीड़ित रोगी को तारपीन के तेल में कपूर मिलाकर रोगग्रस्त अंगों पर सुबह-शाम मालिश करना चाहिए।
  • इससे आमवात (गठिया) का दर्द नष्ट होता है।गठिया रोग में 500 मिलीलीटर तिल के तेल में 10 ग्राम कपूर मिलाकर शीशी में भरकर उसके बाद ढक्कन को बंद करके धूप में रख दें। जब कपूर तेल में पूरी तरह से घुल जाए तो जोड़ों पर अच्छी तरह से मालिश करें।
  • यदि घाव जल्दी ठीक न हो रहा हो तो कपूर को उस पर लगाना चाहिए।
  • चमेली के तेल में कपूर मिलाकर शरीर पर मालिश करने से खुजली दूर होती है।
  • कपूर को चार गुने सरसों के तेल में मिलाकर हाथ-पैरों पर मालिश करने से हाथ-पैरों की ऐंठन दूर होती है।
  • 2 चम्मच पिसी हुई हल्दी, गुलाबजल और चुटकी भर कपूर को मिलाकर चेहरे पर रोजाना लेप करें। इसका प्रयोग 15-20 दिनों तक करने से चेहरे के दाग-धब्बे दूर होते हैं।
  • बिच्छू के डंक से पीड़ित रोगी को कपूर को सिरके में मिलाकर डंक वाले स्थान पर लगाना चाहिए। इससे बिच्छू का जहर नष्ट हो जाता है।
  • प्रसव के समय तेज दर्द हो रहा हो तो स्त्री को पके केले में 125 मिलीग्राम कपूर मिलाकर खिलाना चाहिए। इससे के सेवन से बच्चे का जन्म आराम से हो जाता है।
  • कपूर को पीसकर नारियल के तेल में मिलाकर त्वचा पर दिन में 2 से 3 बार नियमित रूप से कुछ दिनों तक लगाने से त्वचा के रोग दूर होते हैं।
  • सर्दी-जुकाम से पीड़ित रोगी को रुमाल में कपूर का एक टुकड़ा लपेटकर बार-बार सूंघना चाहिए। इससे सर्दी-जुकाम में आराम मिलता है और बंद नाक खुलती है।
  • यदि सिर दर्द हो तो कपूर और चंदन को तुलसी के रस में घिसकर लेप बनाकर सिर पर लगाए। इससे सिर का दर्द दूर होता है।
  • कपूर और नौसादर को एक शीशी के बोतल में भर दें और जब सिर दर्द हो तो इसे सूंघे। इससे सिर का दर्द दूर होता है।
  • कपूर को पानी में डालकर उबालें और उससे निकलने वाले भाप को सूंघे। इससे सांस सम्बन्धी परेशानी दूर होती है
  • यदि बच्चे के पेट में कीड़े हो गए हों तो थोडा सा कपूर गुड़ में मिलाकर देने सेवन कीड़े मरकर बाहर निकल जाते हैं। इससे पेट दर्द में जल्दी लाभ मिलता है।
  • कपूर या अदरक या नौसादर को पीसकर रुई में लपेटकर दांतों के खोखले में दबा कर रखने से दांतों के दर्द में जल्द आराम मिलता है।
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