Ahoi Ashtami Puja – Live healthy life https://livehealthylife.in Live Healthy Live Long Fri, 27 Oct 2023 06:27:07 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.2.11 https://livehealthylife.in/wp-content/uploads/2017/02/logo-150x150.png Ahoi Ashtami Puja – Live healthy life https://livehealthylife.in 32 32 अहोई अष्टमी व्रत, जानें महत्व, पूजन विधि और शुभ मुहूर्त – Ahoi Ashtami Puja 2023 https://livehealthylife.in/ahoi-ashtami-2023-date-time-shubh-muhurat/ https://livehealthylife.in/ahoi-ashtami-2023-date-time-shubh-muhurat/#respond Fri, 27 Oct 2023 06:27:07 +0000 https://livehealthylife.in/?p=74372 Ahoi Ashtami Puja 2023

करवा चौथ के चार दिन बाद कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को, अहोई अष्टमी का व्रत किया जाता है, इस बार अहोई अष्टमी का व्रत 5 नवम्बर 2023  दिन रविवार  को रखा जाएगा। इसे अहोई आठे के नाम से भी जाना जाता है, जिस वार की दीपावली होती है, अहोई आठें भी उसी वार की पड़ती है, अहोई अष्‍टमी सन्‍तान की मनोकामना का दिन होता है, इस दिन सन्‍तान के लिए लंबी आयु और सुख-समृद्धि मांगी जाती है।
इस व्रत को वे महिलाएं ही करती हैं, जिनके सन्तान होती हैं, यह व्रत संतान की लम्बी आयु, और सुखमय जीवन की कामना से किया जाता है, व्रत रखने वाली महिलाएं शाम को तारों और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करती हैं, इसके बाद लड्डू, फल और पंचामृत का भोग लगाकर व्रत खोलती हैं संध्या के समय सूर्यास्त होने के बाद जब तारे निकलने लगते हैं तो अहोई माता की पूजा प्रारंभ होती है, पूजा के दौरान अहोई कलेंडर और करवा लेकर पूजा करते है, कथा सुननें के बाद अहोई की माला दिवाली तक पहननी चाहिए।

 

अहोई अष्टमी व्रत 2023  का शुभ मुहूर्त

  • अहोई अष्टमी तिथि : 5 नवम्बर 2023  को दोपहर 12 बजकर 59 मिनट से आरंभ
  • अष्टमी तिथि समाप्त: 6 नवम्बर 2023  दोपहर 3 बजकर18  मिनट तक 
  • पूजन का शुभ मुहूर्त: (5 नवम्बर) शाम 05 बजकर 42  मिनट से शाम 07  बजे  तक
  • तारों को देखने का समय: (5 नवम्बर )शाम को 05  बजकर 59  मिनट पर

अहोई अष्टमी व्रत कथा

 

 

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धनतेरस पर समृद्धि प्राप्ति के उपाय, मिलेगा तिगुना लाभ, जानें शुभ मुहूर्त https://livehealthylife.in/dhanteras-2021-date-time-muhurat-for-investment-shopping/ https://livehealthylife.in/dhanteras-2021-date-time-muhurat-for-investment-shopping/#respond Thu, 28 Oct 2021 08:00:44 +0000 https://livehealthylife.in/?p=5077 धनतेरस 2 नवंबर 2021 मंगलवार
धनतेरस त्रयोदशी (धनसमृद्धि का द‌िन)


दीपावली से पहले , कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को ये त्योहार मनाया जाता है। २०२१ में धनतेरस 2 नवंबर मंगलवार को मनाया जायगा।
धनतेरस 2021 दिनांक- 2 नवंबर, मंगलवार


धन त्रयोदशी पूजा का शुभ मुहूर्त:
शाम 5:25 से शाम 6:00 बजे तक।
प्रदोष काल: शाम 05:39 से 20:14 बजे तक।
वृषभ काल: शाम 06:51 से 20:47 तक।

धनतेरस के खास मौके पर हमारी संस्कृति और मान्यताओं के अनुसार कुछ न कुछ खरीदने का प्रचलन है। वैसे पुरानी मान्यताओं के अनुसार इस खास दिन पर बर्तन खरीदने की प्रथा में लोगों का यकीन काफी अधिक है। दीपावली से पहले धनतेरस पर घर में कुछ खास चीजें लाने से धन की प्राप्ति होती है।
धनतेरस यानी अपने धन को 13 गुणा बनाने का द‌िन,इसके साथ ही एक कथा जुडी हुई है ।

धनतेरस की कथा की मान्यता के अनुसार – माँ लक्ष्मी को विष्णु जी का श्राप था कि उन्हें 13 वर्षों तक उनको किसान के घर में रहना होगा। श्राप के दौरान किसान का घर धनसंपदा से भर गया। श्रापमुक्ति के उपरांत जब विष्णुजी लक्ष्मी को लेने आए तब किसान उन्हें रोकना चाहता था तब लक्ष्मीजी ने कहा कल त्रयोदशी है तुम साफसफाई करना, दीप जलाना और मेरा आह्वान करना। किसान ने लक्ष्मी जी के कहे अनुसार ही किया और लक्ष्मी की कृपा प्राप्त की । तब ही से लक्ष्मी पूजन कीप्रथा चल निकली।

इस दिन भगवान धनवन्तरी समुद्र से कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिये इस दिन खास तौर से बर्तनों की खरीदारी की जाती है। इस दिन बर्तन, चांदी खरीदने से इनमें 13 गुणा वृ्द्धि होने की संभावना होती है। इसके साथ ही इस दिन सूखे धनिया के बीज खरीद कर घर में रखना भी परिवार की धन संपदा में वृ्द्धि करता है। दीपावली के दिन इन बीजों को खेतों में लागाया जाता है ये बीज व्यक्ति की उन्नति व धन वृ्द्धि के प्रतीक होते है।

धनतेरस की विशेष बात यह है कि इस दिन चांदी या पीतल खरीदना चाहिए ,जो घर में स्वास्थ्य समृद्धि ,आरोग्य और सौभाग्य लाती है सोना नहीं खरीदें क्योंकि इस दिन सोना खरीदने से घर में चंचलता आ सकती है । बल्कि पुष्य नक्षत्र में खरीदे सोना की इस दिन विधिवत पूजा जा सकता है । इससे घर में लक्ष्मी का शुभ स्थायी वास होता है।

देवी लक्ष्मी जी का प्रतीक होता है झाडू। धनतेरस के दिन घर में नई झाडू लाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर चली जाती हैं और साफ घर में लक्ष्मी जी प्रवेश करती हैं।

Prosperity tips for Dhanteras
धनतेरस पर समृद्धि प्राप्ति के उपाय

साबुत धनिया :
धनतेरस के दिन साबुत धनिया खरीदें। पूरी रात लक्ष्मी जी के सामने साबुत धनिया रखा रहने दें। अगले दिन प्रातः साबुत धनिए को गमले में बो दें,जिससे हमारी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होती है।

नमक :
धनतेरस पर नमक का नया पैकेट खरीदें। खाना बनाने में नया नमक ही प्रयोग करें। इससे धन की आवक में वृद्धि होगी। घर के उत्तर पूर्व कोने में थोड़ा सा नमक कटोरी अथवा छोटी डिब्बी में डालकर रख सकते हैं। इससे घर की नकारात्मकता खत्म होगी और धनागमन के साधन बनने लगेंगे।

कौड़ी :
धनतेरस के दिन कौड़ी खरीद कर घर लाएं और अपार धन प्राप्ति हेतु धनतेरस की रात्रि उनका षडोषोपचार पूजन कर केसर से रंगकर कौड़ियां पीले कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें। आश्चर्यजनक रूप से घर में धन का आगमन होगा।


कमल गट्टे :

घी में कमल गट्टे मिलाकर लक्ष्मी को प्रसाद चढ़ाने से व्यक्ति राजा जैसा जीवन जीता है। इसके अतिरिक्त 108 कमल गट्टों की माला लक्ष्मी जी पर चढ़ाने से व्यक्ति को स्थिर लक्ष्मी प्राप्त होती है। धन और बरकत के लिए कमल गट्टे की माला घर में रखें।

गांठ वाली पीली हल्दी :

धनतेरस के दिन शुभ मुहूर्त देखकर बाजार से गांठ वाली पीली हल्दी अथवा काली हल्दी को घर लाएं। इस हल्दी को कोरे कपड़े पर रखकर स्थापित करें तथा षडोशपचार से पूजन करें।
धनतेरस पर झाड़ू खरीदना भी शुभ है. इस दिन झाड़ू खरीदकर लाने से दरिद्रता और नकारत्मक ऊर्जा दूर चली जाती है.

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अहोई अष्टमी व्रत, जानें महत्व, पूजन विधि और शुभ मुहूर्त – Ahoi Ashtami Puja 2021 https://livehealthylife.in/ahoi-ashtami-puja-2021/ https://livehealthylife.in/ahoi-ashtami-puja-2021/#respond Sun, 24 Oct 2021 09:08:51 +0000 https://livehealthylife.in/?p=5056 करवा चौथ के चार दिन बाद कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को, अहोई अष्टमी का व्रत किया जाता है, इस बार अहोई अष्टमी का व्रत 28 अक्टूबर 2021 दिन गुरुवार को रखा जाएगा। इसे अहोई आठे के नाम से भी जाना जाता है, जिस वार की दीपावली होती है, अहोई आठें भी उसी वार की पड़ती है, अहोई अष्‍टमी सन्‍तान की मनोकामना का दिन होता है, इस दिन सन्‍तान के लिए लंबी आयु और सुख-समृद्धि मांगी जाती है।
इस व्रत को वे महिलाएं ही करती हैं, जिनके सन्तान होती हैं, यह व्रत संतान की लम्बी आयु, और सुखमय जीवन की कामना से किया जाता है, व्रत रखने वाली महिलाएं शाम को तारों और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करती हैं, इसके बाद लड्डू, फल और पंचामृत का भोग लगाकर व्रत खोलती हैं संध्या के समय सूर्यास्त होने के बाद जब तारे निकलने लगते हैं तो अहोई माता की पूजा प्रारंभ होती है, पूजा के दौरान अहोई कलेंडर और करवा लेकर पूजा करते है, कथा सुननें के बाद अहोई की माला दिवाली तक पहननी चाहिए।

 

अहोई अष्टमी व्रत 2021 का शुभ मुहूर्त

  • अहोई अष्टमी तिथि आरंभ: 28 अक्टूबर 2021 को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट से
  • अष्टमी तिथि समाप्त: 29 अक्टूबर 2021 दोपहर 2 बजकर 09 मिनट
  • पूजन का शुभ मुहूर्त: शाम 05 बजकर 39 मिनट से शाम 06 बजकर 56 मिनट तक
  • तारों को देखने का समय: शाम को 06 बजकर 03 मिनट पर

अहोई अष्टमी व्रत कथा

 

 

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अहोई अष्टमी व्रत, जानें महत्व, पूजन विधि और शुभ मुहूर्त – Ahoi Ashtami Puja https://livehealthylife.in/ahoi-ashtami-date-time/ https://livehealthylife.in/ahoi-ashtami-date-time/#respond Wed, 11 Oct 2017 03:55:47 +0000 http://livehealthylife.in/?p=4197 करवा चौथ के चार दिन बाद कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को, अहोई अष्टमी का व्रत किया जाता है, इसे अहोई आठे के नाम से भी जाना जाता है, जिस वार की दीपावली होती है, अहोई आठें भी उसी वार की पड़ती है, अहोई अष्‍टमी सन्‍तान की मनोकामना का दिन होता है, इस दिन सन्‍तान के लिए लंबी आयु और सुख-समृद्धि मांगी जाती है।
इस व्रत को वे महिलाएं ही करती हैं, जिनके सन्तान होती हैं, यह व्रत संतान की लम्बी आयु, और सुखमय जीवन की कामना से किया जाता है, व्रत रखने वाली महिलाएं शाम को तारों और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करती हैं, इसके बाद लड्डू, फल और पंचामृत का भोग लगाकर व्रत खोलती हैं संध्या के समय सूर्यास्त होने के बाद जब तारे निकलने लगते हैं तो अहोई माता की पूजा प्रारंभ होती है, पूजा के दौरान अहोई कलेंडर और करवा लेकर पूजा करते है, कथा सुननें के बाद अहोई की माला दिवाली तक पहननी चाहिए।

 

अहोई व्रत 2018 का शुभ मुहूर्त

  • अहोई अष्टमी तिथि आरंभ: 31 अक्टूबर को प्रातः 11 बजकर 10 मिनट से
  • अष्टमी तिथि समाप्त: 01 नवम्बर 2018 को प्रातः 09 बजकर 09 मिनट
  • पूजन का शुभ मुहूर्त: 31 को सायंकाल5बजकर 44 मिनट से सायंकाल 7 बजे तक
  • तारों को देखने का समय: 31 अक्टूबर को सायंकाल 06 बजकर 15 मिनट पर

 

 

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