Lifestyle – Live healthy life https://livehealthylife.in Live Healthy Live Long Sun, 23 Aug 2026 09:32:50 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.2.11 https://livehealthylife.in/wp-content/uploads/2017/02/logo-150x150.png Lifestyle – Live healthy life https://livehealthylife.in 32 32 Raksha Bandhan 2026 कब है? जानिए Rakhi Date, शुभ मुहूर्त, भद्रा काल और राखी बांधने का सही समय https://livehealthylife.in/raksha-bandhan-2026-date-shubh-muhurat-bhadra-kaal/ https://livehealthylife.in/raksha-bandhan-2026-date-shubh-muhurat-bhadra-kaal/#respond Sun, 23 Aug 2026 09:32:50 +0000 https://livehealthylife.in/?p=74719 रक्षाबंधन 2026 कब है? जानिए Rakhi Date, शुभ मुहूर्त, भद्रा काल और राखी बांधने का सही समय

रक्षाबंधन यानी Raksha Bandhan भाई-बहन के प्यार, विश्वास और मजबूत रिश्ते का त्योहार है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और भाई उसकी रक्षा और खुशियों का संकल्प लेता है।

लेकिन हर साल की तरह इस बार भी लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल है: रक्षाबंधन 2026 कब है? राखी किस दिन बांधी जाएगी और इसका शुभ मुहूर्त क्या है?

अगर आप भी Rakhi 2026 Date, शुभ मुहूर्त और भद्रा काल जानना चाहते हैं, तो यहां पूरी जानकारी आसान भाषा में दी गई है।

रक्षाबंधन 2026 कब है?

रक्षाबंधन 2026 शुक्रवार, 28 अगस्त को मनाया जाएगा। यह दिन श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि के साथ पड़ रहा है। दिल्ली के लिए उपलब्ध पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त 2026 को सुबह लगभग 9:08 बजे शुरू होकर 28 अगस्त को सुबह 9:48 बजे समाप्त होगी।

दिल्ली सरकार की 2026 holiday list में भी 28 अगस्त को Raksha Bandhan के रूप में दर्ज किया गया है।

Raksha Bandhan 2026 की जरूरी जानकारी

  • त्योहार: रक्षाबंधन
  • Rakhi Date 2026: 28 अगस्त 2026
  • दिन: शुक्रवार
  • तिथि: श्रावण पूर्णिमा
  • राखी बांधने का समय: सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक, दिल्ली के अनुसार
  • भद्रा: राखी के शुभ समय से पहले समाप्त
  • पूर्णिमा समाप्त: 28 अगस्त सुबह लगभग 9:48 बजे

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 2026

दिल्ली के पंचांग के अनुसार 28 अगस्त को सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। यह लगभग 3 घंटे 51 मिनट का समय है। इस दौरान पूर्णिमा तिथि चल रही होगी और भद्रा समाप्त हो चुकी होगी।

इसलिए अगर आप पूछ रहे हैं कि “भाई को राखी बांधने का सही समय क्या है?”, तो इस साल सुबह का समय सबसे महत्वपूर्ण है।

ध्यान दें: मुहूर्त शहर के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। अगर आप दिल्ली से बाहर रहते हैं, तो अपने शहर के local Panchang के अनुसार timing check करना बेहतर रहेगा।

रक्षाबंधन 2026 में भद्रा काल कब है?

भद्रा काल को हिंदू पंचांग में ऐसा समय माना जाता है जिसमें कई शुभ कार्य करने से बचने की परंपरा है। खासकर रक्षाबंधन पर भद्रा का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि पारंपरिक मान्यता के अनुसार भद्रा काल में राखी नहीं बांधनी चाहिए।

2026 में पूर्णिमा 27 अगस्त को शुरू होती है, लेकिन उस दिन भद्रा का समय भी रहता है। दिल्ली के पंचांग के अनुसार 27 अगस्त को भद्रा लगभग सुबह 9:10 बजे से रात 9:34 बजे तक बताई गई है।

यही वजह है कि 27 अगस्त को पूर्णिमा शुरू होने के बावजूद Raksha Bandhan 28 अगस्त को मनाया जाएगा।

28 अगस्त की सुबह तक भद्रा समाप्त हो चुकी होगी, इसलिए राखी बांधने के लिए सुबह का समय चुना गया है।

भाई को राखी बांधने का सही तरीका

राखी बांधना सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते को celebrate करने का मौका भी है। पारंपरिक तरीके से आप इन steps को follow कर सकते हैं:

  1. सबसे पहले पूजा की थाली तैयार करें।
  2. भाई को साफ जगह पर बैठाएं।
  3. भाई के माथे पर रोली या चंदन का तिलक लगाएं।
  4. उसके बाद अक्षत यानी चावल लगाएं।
  5. भाई की कलाई पर राखी बांधें।
  6. आरती करें और मिठाई खिलाएं।
  7. भाई अपनी बहन को gift देकर उसके सुख और सुरक्षा की कामना करे।

सबसे जरूरी बात यह है कि रस्म को लेकर तनाव लेने के बजाय इसे परिवार के साथ खुशी से मनाएं।

Rakhi की पूजा थाली में क्या रखें?

एक simple Rakhi Thali में आप ये चीजें रख सकते हैं:

  • राखी
  • रोली या कुमकुम
  • अक्षत यानी चावल
  • दीपक
  • मिठाई
  • फूल
  • पूजा के लिए थोड़ा जल

आप चाहें तो थाली को फूलों और traditional decoration से भी सजा सकते हैं।

रक्षाबंधन सिर्फ भाई की रक्षा का त्योहार नहीं

आज Raksha Bandhan का meaning पहले से काफी broader हो गया है। भाई-बहन एक-दूसरे के लिए emotional support, respect और care का promise भी करते हैं।

इसलिए अगर भाई किसी दूसरे शहर में रहता है या बहन दूर है, तो video call के जरिए भी इस दिन को special बनाया जा सकता है। Online Rakhi भेजना, छोटा सा gift भेजना या साथ बैठकर पुरानी memories याद करना भी इस festival को meaningful बना सकता है।

आखिरकार राखी का असली मतलब महंगे gifts नहीं, बल्कि रिश्ते में प्यार और भरोसा बनाए रखना है।

Raksha Bandhan 2026: FAQs

रक्षाबंधन 2026 कब मनाया जाएगा?

रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा।

Rakhi 2026 Date क्या है?

Rakhi 2026 Date 28 August 2026 है।

2026 में राखी बांधने का शुभ समय क्या है?

दिल्ली के अनुसार सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का शुभ समय बताया गया है।

क्या रक्षाबंधन 2026 में भद्रा है?

27 अगस्त को भद्रा का समय है, लेकिन 28 अगस्त की सुबह राखी बांधने के समय तक भद्रा समाप्त हो चुकी होगी।

क्या 27 अगस्त को राखी बांधी जा सकती है?

पूर्णिमा 27 अगस्त को शुरू हो जाती है, लेकिन उस दिन भद्रा रहने के कारण पारंपरिक पंचांग के अनुसार राखी बांधने के लिए 28 अगस्त का समय अधिक उपयुक्त माना गया है।

Raksha Bandhan 2026 यानी रक्षाबंधन 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। दिल्ली के अनुसार राखी बांधने का शुभ समय सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक है और इस दौरान भद्रा नहीं होगी।

अगर आप इस बार राखी बांधने की तैयारी कर रहे हैं, तो सुबह का समय ध्यान में रखें और अपने शहर के अनुसार local Panchang timing एक बार जरूर check कर लें।

रक्षाबंधन का सबसे खूबसूरत हिस्सा किसी खास मुहूर्त से ज्यादा भाई-बहन का प्यार, सम्मान और साथ है। इस दिन को सिर्फ एक tradition की तरह नहीं, बल्कि अपने रिश्ते को थोड़ा और मजबूत बनाने के अवसर की तरह मनाएं।

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आज से शुरू कर दें ये काम, नेचुरल तरीकों से तेजी से घट जाएगा वजन | कैसे करे मोटापा दूर How to lose weight https://livehealthylife.in/how-to-lose-weight/ https://livehealthylife.in/how-to-lose-weight/#respond Sat, 02 Dec 2023 04:24:47 +0000 http://livehealthylife.in/?p=1821 मोटापा है क्या

जब शरीर में आपके द्वारा खाये गए भोजन में कैलोरीज़ की मात्रा अधिक हो जाये ,या शरीर उतनी कैलोरीज़ (ऊर्जा) खर्च न कर पाए और यह वसा के रूप में आपके शरीर में इकठी होती जाये और आपका वजन इस कारण बढ़ने लगे उस अवस्था को मोटापा कहते है।

एक स्वस्स्थ  व्यक्ति का वज़न कितना होना चाहिए यह उसके कद और वज़न के अनुपात पर निर्भर करता है जिसे BMI कहते है  यदि किसी का BMI अधिक है तब वह व्यक्ति मोटे व्यक्ति की श्रेणी में आएगा।

मोटापा के लिए घटक

मोटापा के लिए कई घटक जिम्मेदार हो सकते है।

  • गलत खानपान
  • गलत जीवन शैली
  • डिप्रेशन/ चिंता /तनाव
  • ज़ंक फ़ूड
  • अधिक घी  तेल  मसाले वाला खाना

कैसे करे मोटापा दूर How  to lose weight

  • सुबह की सैर आपको शुद्ध हवा के साथ आपको स्वास्थ्य लाभ भी देती है।
  • प्रातः उठते ही एक गिलास गुनगुने पानी में 1 चम्मच शहद और आधा नींबू पीने से आपका पेट साफ रहेगा।
  • चाय कम से कम पीनी चाहिए चाय में डाली गई चीनी और दूध से अधिक केलोरी आपके शरीर में पहुँच जाती है।इसकी बजाय
  • छाछ व दही का सेवन  इसमें मौजूद विटामिन-बी आपके वज़न को कम करने के साथ आपकी त्वचा को तेज और चमक प्रदान करता है।
  • पुरे दिन में पानी अधिक से अधिक पिए।
  • अपने भोजन खाने का समय निश्चित करे।
  • सब्जियों और फलों में कैलोरी कम होती है, इसलिए इनका सेवन अधिक मात्रा में करें।
  • खाने के पहले सलाद में काली मिर्च व नमक डालकर खाएं। इनसे शरीर को विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन के, आयरन, पोटैशियम मिलेेगा। इन्हें खाने के बाद खाने से पेट जल्दी भर जाएगा और वजन नियंत्रित हो जाएगा।
  • भोजन से 1/2 घंटे पहले और १ घंटे बाद में पानी न पिए, जिससे से आपका द्वारा किये भोजन का पूरा पोषण आपको मिल सके।
  • केक पेस्ट्री जैम चेविंगम चाय कॉफी दूध मक्खन बिस्कुट नमकीन अधिक् केलोरी देने वाली वस्तुओं का त्याग करे।
  • पूरी समोसा कचौरी ,मिठाइयाँ और ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली वस्तुओं से परहेज करें। शक्कर, आलू और चावल में अधिक कार्बोहाइड्रेट होता है। ये चर्बी बढ़ाते हैं।
  • रात को सोने से ३ -४ घंटे पहले हल्का भोजन कर लेना चाहिए।
  • जो लोग वज़न कम करना चाहते है उन्हें रात को सोने से पहले दूध नहीं पीना चाहिए।
  • रात को समय से सोकर सुबह जल्दी उतर सैर करने की आदत डाले ,जीवन शैली में बदलाव से भी प्रभाव पड़ता है। इसके आलावा
  • एक गिलास पानी में आधा नींबू एक चम्मच शहद और थोड़ी सी काली मिर्च डालकर सुबह पिए यह शरीर के वसा और विषाक्त पदार्थो को बाहर निकलंर के सहायक है।
  • एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका और आधा नींबू मिला कर पिए, शरीर के विषाक्त पदार्थो तो साफ होंगे ही लिवर का कार्य क्षमता भी बढ़ेगी।
  • शहद और अदरक का मिलाकर सेवन करे इससे पाचन शक्ति बढ़ती है बार बार भूख नहीं लगती शरीर में वसा की मात्रा में  कमी होती है।
  • खाने के बाद सौंफ खाये पाचन आसानी से होगा पेट हल्का रहेगा अधिक भूख का एहसास नहीं रहेगा।
  • मोटापे के साथ यदि कोलेस्ट्रॉल बड़ा है तो अश्वगंधा के पत्तो का काढ़ा बनाकर  सुबह सेवन करे।
  • दिन में कई बार गुनगुने पानी को घूंट घूंट कर के पिए , शरीर के जमा वसा धीरे धीरे पिघलेगा।
  • तनाव में न रहे खुश रहने का प्रयास करे।
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धनतेरस पर ऐसे करें पूजा, चमक जाएगी किस्मत | Dhanteras 2023 https://livehealthylife.in/dhanteras-2023-date-shopping-time-puja-vidhi-shubh-muhurat/ https://livehealthylife.in/dhanteras-2023-date-shopping-time-puja-vidhi-shubh-muhurat/#respond Fri, 10 Nov 2023 04:07:42 +0000 https://livehealthylife.in/?p=74396 Dhanteras 2023

धनतेरस पर ऐसे करें पूजा, चमक जाएगी किस्मत

दिवाली इस बार 12 नवम्बर 2023 को है. दिवाली से पहले 10 नवम्बर 2023 को धनतेरस का पर्व है. धनतेरस त्योहार पर नए बर्तन, सोना-चांदी खरीदना शुभ माना होता है. इस दिन भगवान धन्वन्तरि और कुबेर की पूजा की जाती है. कहा जाता है कि भगवान धन्वन्तरि अपने साथ अमृत भरा कलश और आयुर्वेद लिए जन्म लिया था.
धनतेरस का मतलब होता है कि धन माने समृद्धि और तेरस का मतलब तेरह होता है. इसका अर्थ ये हुआ कि इस दिन पूजा करने से आपका धन 13 गुना बढ़ जाता है. और वर्षभर घर में खुशियां बनी रहती है.
इन्हें ही औषधी का जनक कहा जाता है. इस दिन पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है. इसीलिए धनतेरस आए उससे पहले हम आपको बताने जा रहे हैं कि किस विधि और शुभ मुहूर्त में पूजा करने से भगवान की असीम कृपा बनी रहती है.
धनतेरस के दिन किसी भी धातू का खरीदना शुभ होता है. सामर्थ्य के अनुसार धनतेरस के दिन लोग सोना-चांदी भी खरीदते हैं और जो लोग सोना-चांदी नहीं खरीदते, वो बर्तन खरीद सकते हैं.  इस दिन धन और यश प्राप्ति के लिए धन कुबेर के लिए घर के पूजा घर में दीपक जलाना चाहिए और मृत्यु के देवता यमराज के लिए घर के मुख्य द्वार पर भी दीपक जलाना चाहिए.
 इस दिन निम्न चीजें अवश्य खरीदना शुभ माना जाता है
  • पीतल के बर्तन का बहुत महत्व है।
  • चांदी के लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्ति
  • कुबेरजी की प्रतिमा
  • लक्ष्मी या श्री यंत्र
  • गोमती चक्र
  • सात मुखी रुद्राक्ष
  • धनिये के बीज
  • कौड़ी और कमल गट्टा
  • झाड़ू
  • गूंजा

धनतेरस पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त

10 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 40 मिनट से लेकर अगले दिन सुबह तक खरीदारी करने का शुभ मुहूर्त है।

इस धनतेरस शुभ मुहूर्त पर करें पूजा

धनतेरस वाले दिन शाम 05 :47  बजे से शाम 07.45 बजे तक का है.

धनतेरस पूजा / पूजन सामग्री Dhanteras Pujan

21 पूरे कमल बीज
मणि पत्थर के 5 प्रकार
5 पूरी सुपारी (रजत लक्ष्मी – गणेश के सिक्कों की एक संख्या (10 ग्राम या अधिक) अगरबत्ती, चूड़ी, तुलसी पत्र, पान, चंदन, लौंग, नारियल, सिक्के, काजल, दहीशरीफा. धूप, फूल , चावल , रोली, गंगा जल ( पवित्र जल ), माला, हल्दी, हनी, कपूर इत्यादि

  • एक लकड़ी के बेंच पर रोली के माध्यम से स्वस्तिक का निशान बनाये।
  • फिर एक मिटटी के दिए को उस बेंच पर रख कर जलाएं।
  • दिए के आस पास तीन बारी गंगा जल का छिडकाव करें।
  • दिए पर रोली का तिलक लगायें। उसके बाद तिलक पर चावल रखें।
  • दिए पर थोड़े फूल चढायें।
  • दिए में थोड़ी चीनी डालें।
  • इसके बाद 1 रुपये का सिक्का दिए में डालें।
  • परिवार के सदस्यों को तिलक लगायें।
  • दिए को प्रणाम करें।
  • अब दिए को अपने घर के गेट के पास रखें। उसे दाहिने तरह रखें और यह सुनिश्चित करें की दिए की लौं दक्षिण दिशा की तरफ हो।
  • इसके बाद यम देव के लिए मिटटी का दिया जलायें और फिर धन्वान्तारी पूजा घर में करें।
  • अपने पूजा घर में भेठ कर धन्वान्तारी मंत्र का 108 बार जाप करें। “ॐ धन धनवंतारये नमः
  • जब आप 108 बारी मंत्र का जाप कर चुके होंगे तब इन पंक्तियों का उच्चारण करें “है धन्वान्तारी देवता में इन पंक्तियों का उच्चारण अपने चरणों में अर्पण करता हूँ।
  • धन्वान्तारी पूजा के बाद भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पंचोपचार पूजा करना अनिवार्य है।
  • भगवान गणेश और माता लक्ष्मी के लिए मिटटी के दियें जलाएं। धुप जलाकर उनकी पूजा करें। भगवान गणेश और माता लक्ष्मी के चरणों में फूल चढायें और मिठाई का भोग लगायें।

धनतेरस के दिन ये वस्तुये जरुर ख़रीदे (Dhanteras Shoping Tips in Hindi)

धनतेरस के दिन नई वस्तुये जरुर खरीदना चाहिए इस त्यौहार में मुख्य रूप से नए बर्तन या सोना-चांदी खरीदने की परंपरा है। आस्था के अनुसार भक्त सोना के आभूषण और पीतल के बर्तन खरीद सकते है कहा जाता है कि जन्म के समय धन्वंतरि जी के हाथों में अमृत का कलश था, इसलिए इस दिन बर्तन खरीदना अति शुभ मन गया है।

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दिवाली पूजन 12 नवम्बर 2023 , जानें शुभ मुहूर्त, मंत्र, आरती और संपूर्ण पूजाविधि | Diwali 12 November 2023 in Hindi https://livehealthylife.in/diwali-2023-date-and-time-shubh-muhurat-and-pooja-samagri-lakshami-ganesh-aarti-and-mantra/ https://livehealthylife.in/diwali-2023-date-and-time-shubh-muhurat-and-pooja-samagri-lakshami-ganesh-aarti-and-mantra/#respond Fri, 10 Nov 2023 02:54:51 +0000 https://livehealthylife.in/?p=74383  

दिवाली पूजन12 नवम्बर 2023

Diwali 12 November 2023

ऐसे करें दिवाली पूजन, घर आएंगी सुख-समृद्धि –

Diwali Poojan for wealth,  health & prosperity –

सनातन हिन्दू धर्म में मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहार दिवाली ,जिसे कार्तिक महीने की अमावस्या के दिन बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है । हमारे हिन्दू धर्म शास्त्रों में ऐसी मान्यता है कि भगवान राम चौदह वर्ष के वनवास बिताने के बाद अयोध्या लौटे थे। राम जी के आने की खुशी में समस्त अयोध्यावासियों ने अपने-अपने घर में घी के दिए जलाए थे जिससे अमावस्या की रात भी रोशन हो गई थी, इसलिए दिवाली को प्रकाशोत्सव पर्व भी कहा जाता है। इस बार दिवाली 14 नवंबर (शनिवार) को देशभर में मनाई जाएगी। इस खास अवसर पर माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है। आइये जाने दिवाली पूजन का शुभ मुहूर्त –

श्री महालक्ष्मी पूजन 

शुभ लग्न 

  • इस वर्ष अमावस तिथि 12 नवंबर 2023  दोपहर 2 बजकर 44 मिनट से आरम्भ  होकर अगले दिन 13 नवंबर 2023, सोमवार की दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर समाप्त होगी।
  • लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ मुहूर्त (प्रदोष काल): शाम 5 बजकर 40  मिनट से रात्रि 7  बजकर 36 तक।
  • लक्ष्मी पूजा के लिए महानिशीथ काल मुहूर्त :रात 11 बजकर 39 मिनट से मध्यरात्रि 12 बजकर 31 मिनट तक।

दिवाली पूजन सामग्री :

  • लक्ष्मी गणेश जी की प्रतिमा
  • चांदी का सिक्का
  • रोली, मोली, चावल ,धूप ,अगरबत्ती  ,कपूर ,नारियल ,कलश ,देसी घी ,दीपमाला ,पुष्पमाला ,गुलाब पुष्प ,5 पान की पत्ते ,5 लौंग ,सुपारी ,इलायची ,मिष्ठान ,खील बताशे ,5 फल ,गंगाजल ,पिली सरसों , इत्र , दही, शहद  ,बूरा, पंचमेवा  .

दीपावली पूजन विधि मंत्र सहित :

  • सबसे पहले स्वयं पवित्र होकर पूजन स्थान पवित्र कर ले। 3 बार आचमन करे अपने ऊपर और पूजा सामग्री पर निम्न मन्त्र पड़कर जल छिड़के।

ॐ उपवित्र: पवित्रो वा सर्वास्थां गतो पि वा।

य स्मरेत् मुण्डरीकाक्षं स ब्राहाभश्रयन्तरः शुचि।।

  • पूर्वाभिमुख या उत्तराभिमुख हो पूजन की लिय किसी चौकी या कपड़े के पवित्र आसन पर गणेश जी के दाहिने भाग में लक्ष्मी जी को स्थापित करे।
  • दीपक प्रज्ज्वलित करे।
  • पुष्प और चावल ले गणेश व लक्ष्मी जी ध्यान करे।दोनों की स्तुति करे।
  • स्नान कराय , पंचामृत सहित।
  • वस्त्र धारन कराये व् श्रृंगार करे।
  • भगवान के चन्दन लगाये व् कलावा बांधे तत्पश्चात स्वयं को।
  • पुष्प माला चढ़ाये, धुप दीप दर्शन कराये।
  • भोग प्रसाद चढ़ाये।
  • फल , पान चढ़ाये।
  • दक्षिणा चढ़ाये।
  • प्रार्थना करे और गणेश व लक्ष्मी जी की आरती करे।
  • परिक्रमा करे व पुष्प अर्पित करे।
  • प्रसाद वितरण करे व् स्वयं भी ग्रहण करे।

इन चीजो के प्रयोग से साल भर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा :

  • मेन गेट पर फूलों से भरा बर्तन रखें
  • मेन गेटपर बने हो लक्ष्मीजी के पदचिह्न
  • तोरण सजाने से आती है पॉजीटिव एनर्जी
  • मेन गेट पर लगाए कमल पर बैठी मां लक्ष्मी की तस्वीर
  • मेन गेटपर बनाएं स्वास्तिक
  • मेन गेट पर लिखना चाहिए शुभ-लाभ

माँ लक्ष्मी जी की आरती

ॐ जय लक्ष्मी माता, तुमको निस दिन सेवत,
मैया जी को निस दिन सेवत
हर विष्णु विधाता || ॐ जय ||

उमा रमा ब्रम्हाणी, तुम ही जग माता
ओ मैया तुम ही जग माता
सूर्य चन्द्र माँ ध्यावत, नारद ऋषि गाता || ॐ जय ||

दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पति दाता
ओ मैया सुख सम्पति दाता
जो कोई तुम को ध्यावत, ऋद्धि सिद्धि धन पाता || ॐ जय ||

तुम पाताल निवासिनी, तुम ही शुभ दाता
ओ मैया तुम ही शुभ दाता
कर्म प्रभाव प्रकाशिनी, भव निधि की दाता || ॐ जय ||

जिस घर तुम रहती तहँ सब सदगुण आता
ओ मैया सब सदगुण आता
सब सम्ब्नव हो जाता, मन नहीं घबराता || ॐ जय ||

तुम बिन यज्ञ न होता, वस्त्र न कोई पाता
ओ मैया वस्त्र ना पाटा
खान पान का वैभव, सब तुम से आता || ॐ जय ||

शुभ गुण मंदिर सुन्दर, क्षीरोदधि जाता
ओ मैया क्षीरोदधि जाता
रत्ना चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता || ॐ जय ||

धुप दीप फल मेवा, माँ स्वीकार करो
मैया माँ स्वीकार करो
ज्ञान प्रकाश करो माँ, मोहा अज्ञान हरो || ॐ जय ||

महा लक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता
ओ मैया जो कोई गाता
उर आनंद समाता, पाप उतर जाता || ॐ जय ||

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दिवाली पर चाँदी का सामान चमकाये बहुत आसान तरीका – The easy way to clean silver jewellery https://livehealthylife.in/the-easy-way-to-clean-silver-jewellery/ https://livehealthylife.in/the-easy-way-to-clean-silver-jewellery/#respond Thu, 09 Nov 2023 08:05:59 +0000 http://livehealthylife.in/?p=4239 दिवाली पर चाँदी का सामान चमकाने का बहुत ही आसान तरीका

जिस सामान को चमकना है उसे हल्का सा गीला कर ले, अब उस पर टूथपेस्ट लगा ले (कोलगेट ) और अच्छी तरह से रगड़ कर साफ करे, साफ करने के लिए टूथ ब्रश का इस्तमाल करे , बहुत ही आसानी से पाजेब , लक्ष्मी गणेश की मूर्ति और कुछ भी चाँदी का सामान चमक जाता है।

अगर आप चाहे तो दूसरे तरीके का भी इस्तमाल कर सकते है, बहुत ही आसान तरीका है

फॉयल पेपर तो सब के घर होता है और बेकिंग पाउडर भी बहुत ही आसानी से मिल जाता है, एक पैन में पानी को उबाल ले , उसमे फॉयल पेपर को डाल कर ऊपर से बेकिंग पाउडर डाल दे, अब उसमे चाँदी का सामान डाल कर कुछ दे बाद निकले , आप देखेंगे काला पन बिलकुल ख़त्म हो गया है। चाँदी का सामान चमक उठेगा।

दिवाली पूजन 12 नवम्बर 2023 , जानें शुभ मुहूर्त, मंत्र, आरती और संपूर्ण पूजाविधि

 

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अहोई अष्टमी व्रत, जानें महत्व, पूजन विधि और शुभ मुहूर्त – Ahoi Ashtami Puja 2023 https://livehealthylife.in/ahoi-ashtami-2023-date-time-shubh-muhurat/ https://livehealthylife.in/ahoi-ashtami-2023-date-time-shubh-muhurat/#respond Fri, 27 Oct 2023 06:27:07 +0000 https://livehealthylife.in/?p=74372 Ahoi Ashtami Puja 2023

करवा चौथ के चार दिन बाद कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को, अहोई अष्टमी का व्रत किया जाता है, इस बार अहोई अष्टमी का व्रत 5 नवम्बर 2023  दिन रविवार  को रखा जाएगा। इसे अहोई आठे के नाम से भी जाना जाता है, जिस वार की दीपावली होती है, अहोई आठें भी उसी वार की पड़ती है, अहोई अष्‍टमी सन्‍तान की मनोकामना का दिन होता है, इस दिन सन्‍तान के लिए लंबी आयु और सुख-समृद्धि मांगी जाती है।
इस व्रत को वे महिलाएं ही करती हैं, जिनके सन्तान होती हैं, यह व्रत संतान की लम्बी आयु, और सुखमय जीवन की कामना से किया जाता है, व्रत रखने वाली महिलाएं शाम को तारों और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करती हैं, इसके बाद लड्डू, फल और पंचामृत का भोग लगाकर व्रत खोलती हैं संध्या के समय सूर्यास्त होने के बाद जब तारे निकलने लगते हैं तो अहोई माता की पूजा प्रारंभ होती है, पूजा के दौरान अहोई कलेंडर और करवा लेकर पूजा करते है, कथा सुननें के बाद अहोई की माला दिवाली तक पहननी चाहिए।

 

अहोई अष्टमी व्रत 2023  का शुभ मुहूर्त

  • अहोई अष्टमी तिथि : 5 नवम्बर 2023  को दोपहर 12 बजकर 59 मिनट से आरंभ
  • अष्टमी तिथि समाप्त: 6 नवम्बर 2023  दोपहर 3 बजकर18  मिनट तक 
  • पूजन का शुभ मुहूर्त: (5 नवम्बर) शाम 05 बजकर 42  मिनट से शाम 07  बजे  तक
  • तारों को देखने का समय: (5 नवम्बर )शाम को 05  बजकर 59  मिनट पर

अहोई अष्टमी व्रत कथा

 

 

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शरद पूर्णिमा – कब है शरद पूर्णिमा? जानें शुभ मुहूर्त | Sharad Purnima 2023 https://livehealthylife.in/sharad-purnima-2023-date-know-shubh-muhurat/ https://livehealthylife.in/sharad-purnima-2023-date-know-shubh-muhurat/#respond Fri, 27 Oct 2023 06:08:44 +0000 https://livehealthylife.in/?p=74347 शरद पूर्णिमा का महत्व

शरद पूर्णिमा, आश्विन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं, जिसे कोजागरी पूर्णिमा या रास पूर्णिमा भी कहते हैं, कहते हैं ये दिन इतना शुभ और सकारात्मक होता है कि छोटे से उपाय से बड़ी-बड़ी विपत्तियां टल जाती हैं शास्त्रों के अनुसार देवी लक्ष्मी का जन्म शरद पूर्णिमा के दिन हुआ था। इसलिए धन प्राप्ति के लिए भी ये तिथि सबसे उत्तम मानी जाती है। इस रात को चंद्रमा अपनी पूरी सोलह कलाओं के प्रदर्शन करते हुए दिखाई देते हैं और रात भर अमृत की वर्षा करता है। ऐसे में इस रात को आसमान में खीर रखने से खीर अमृत समान होती है।

शरद पूर्णिमा मे क्या करे

शरद पूर्णिमा के दिन सुबह अपने इष्ट देवता का ध्यान करते हुए पूजा अर्चना करनी चाहिए, शाम में चंद्रोदय के समय महालक्ष्मी जी का पूजन करके चांदी या मिट्टी से बने घी के दिए जलायें, प्रसाद के लिए घी युक्त खीर बना कर चांद की चांदनी में रखें, लगभग एक प्रहर (6 घंटे) बीत जाएं, माता लक्ष्मी को यह खीर अर्पित करें, ब्राह्माणों को खीर का भोजन कराये।  इस दिन काले रंग का प्रयोग न करें, चमकदार सफेद रंग के वस्त्र धारण करें तो ज्यादा अच्छा होगा।

शरद पूर्णिमा रात्रि में चन्द्रमा की किरणों में रखी हुई दूध – चावल की खीर का सेवन पित्तशामक व स्वास्थ्यवर्धक है | इस खीर को एक विशेष विधि से बनाया जाता है। पूरी रात चांद की चांदनी में रखने के बाद सुबह खाली पेट यह खीर खाने से सभी रोग दूर होते हैं, शरीर निरोगी होता है।

शरद पूर्णिमा 28  अक्टूबर 2023  को शरद पूर्णिमा है इसके साथ ही इस साल चंद्र ग्रहण भी है। तो इस वर्ष चन्द्रमा की किरणों में खीर बनाकर रखना चाहिये या नहीं ……… ,

इस दुविधा में क्या करे????

ऐसी परिस्थिति में सूतक से पहले ही खीर बनाकर भगवान को भोग लगाकर खीर में तुलसी पत्र , कुशा रख दें।

अन्यथा सूतक से पहले दूध में तुलसी पत्र एवं कुशा रख दें और मोक्ष के बाद स्नानकर खीर बनाएं और आंगन में रख दें। अगले दिन सुबह भगवान को भोग लगाकर प्रसाद स्वरूप उसका सेवन करें।

शरद पूर्णिमा , जब वर्षा ऋतु अंतिम समय पर होती है। शरद ऋतु अपने बाल्यकाल में होती है और हेमंत ऋतु आरंभ हो चुकी होती है और इसी पूर्णिमा से कार्तिक स्नान प्रारंभ हो जाता है।

 

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भाई दूज पर्व कब है 2023 Bhai Dooj kab hai, Date and time bhai dooj https://livehealthylife.in/bhai-dooj-2023-when-is-bhai-dooj-kab-hai/ https://livehealthylife.in/bhai-dooj-2023-when-is-bhai-dooj-kab-hai/#respond Fri, 27 Oct 2023 05:53:10 +0000 https://livehealthylife.in/?p=74362 भाई दूज पर्व कब है 

भाई दूज का पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और स्नेह का प्रतीक है  इस वर्ष भाई दूज का यह त्योहार 15  नवम्बर 2023  को धूमधाम से मनाया जा रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि दिवाली के अगले दिन खाली है और 14 को गोवर्घन पूजा मनाई जायगी।

भाई दूज 2023 तिथि व शुभ मुहूर्त

भाई दूज 2023 इस वर्ष दिवाली की तीसरे दिन आ रहा है ,ऐसा इसलिए है की कार्तिक माह की द्वित्या  तिथि इस 14  नवम्बर दोपहर 2 बज कर 36 मिनट से आरम्भ होकर 15 नवम्बर 1 बज कर 47 मिनट पर समाप्त हो रही है।14 नवम्बर को दोपहर के बाद भी आप भाई दूज का पर्व मना सकते हो। 

भाई दूज का त्योहार आधे कार्तिक दूज को मनाया जाता है ,इस दिन बहनें अपने भाई को जिमाएँ ,नारियल दे और भाई के माथे पर तिलक करे। और भाई की लम्बी उम्र और सुख समृद्धि की कामना करें इससे भाई के जीवन के कष्ट दूर होते है। भाई भी बहने को इस दिन उपहार देते है।
भाई दूज के दिन चित्रगुप्त की पूजा के साथ दवात और पुस्तकों की भी पूजा की जाती है।

एक बहन के लिए —–

कभी दोस्त तो कभी माँ ,हर रिश्ता तुम निभाती हो
डिअर सिस्टर तुम यूँ ही मुझे जीना सिखाती हो।
भाई दूज की शुभ कामनायेँ 

 

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चन्द्रग्रहण – chandra grahan in India Date and Time – Moon Eclipse 2023 https://livehealthylife.in/chandra-grahan-in-india-date-and-time-moon-eclipse-2023/ https://livehealthylife.in/chandra-grahan-in-india-date-and-time-moon-eclipse-2023/#respond Thu, 26 Oct 2023 07:10:03 +0000 https://livehealthylife.in/?p=74342 चन्द्रग्रहण – Moon Eclipse 2023

चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है, पृथ्वी सूर्य के चारों तरफ घूमती है और चंद्रमा हमारी पृथ्वी का चक्कर लगाता है। इस प्रक्रिया में एक ऐसा समय आता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य एक ही सीध में आ जाते हैं और सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर पड़ता है, लेकिन चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाता है। इसी स्थिति को चंद्र ग्रहण कहा जाता है। हालांकि, सूर्य ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं, आंशिक, वलयाकार और पूर्ण सूर्य ग्रहण। इस साल का यह दूसरा और अंतिम पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत के सभी राज्यों में दिखाई देगा।

चन्द्रग्रहण लगने का समय व टाइम 

यह साल का आखरी चंद्र ग्रहण पुरे भारत में 28 अक्तूबर रात्रि  1 बजकर 6  मिनट से शुरू तथा  2 बजकर 22  मिनट पर समाप्त होगा। इस साल यह 2023 का आखिरी चंद्र ग्रहण होगा। भारत में इस पूर्ण चंद्र  ग्रहण की कुल अवधि 1 घंटे 16 मिनट की होगी, जोकि भारत के सभी राज्यों में यह पूर्णतः दिखाई देगा।

साल के अंतिम चंद्र ग्रहण को भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, एशिया, हिंद महासागर, अटलांटिक, दक्षिणी प्रशांत महासागर, आर्कटिक और अंटार्कटिका में देखा जा सकेगा।

चन्द्रग्रहण सूतक का समय

28 अक्तूबर की दोपहर 4  बजकर 05 मिनट से शुरू है।

ग्रहण के समय पालनीय

  1. ग्रहण-वेध के पहले जिन पदार्थों में कुश या तुलसी की पत्तियाँ डाल दी जाती हैं, वे पदार्थ दूषित नहीं होते । जबकि पके हुए अन्न का त्याग करके उसे गाय, कुत्ते को डालकर नया भोजन बनाना चाहिए ।
  2. सामान्य दिन से चन्द्रग्रहण में किया गया पुण्यकर्म (जप, ध्यान, दान आदि) एक लाख गुना । यदि गंगा-जल पास में हो तो चन्द्रग्रहण में एक करोड़ गुना फलदायी होता है ।
  3. ग्रहण-काल जप, दीक्षा, मंत्र-साधना (विभिन्न देवों के निमित्त) के लिए उत्तम काल है ।
  4. ग्रहण के समय गुरुमंत्र, इष्टमंत्र अथवा भगवन्नाम जप अवश्य करें, न करने से मंत्र को मलिनता प्राप्त होती है।
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करवा चौथ पर मेहंदी को अच्छे से रचाने के टिप्स Karwa Choth Mehandi https://livehealthylife.in/karwa-choth-mehandi/ https://livehealthylife.in/karwa-choth-mehandi/#respond Thu, 26 Oct 2023 07:01:43 +0000 http://livehealthylife.in/?p=4170 करवा चौथ

कार्तिक महीने की कृष्णा पक्ष चतुर्थी पर आने वाले त्योहार को सुहागन होने के सौभाग्य के तौर पर देखा जाता है. इस दिन सुहागन अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत करती है.इस अवसर पर  साज-श्रृंगार का महत्व बहुत  बढ़ जाता है। जिसमे मेहँदी का बहुत महत्त्व होता है ,ऐसे में  आपको भी अपनी मेहंदी को अच्छे से रचाना है तो ये टिप्स आपके काफी काम आ सकते हैं बाजार में आजकल मेहंदी के बने बनाए कोन मौजूद है. जहां तक हो सके इससे बचना चाहिए क्योंकि इसमें केमिकल्स की भरमार होती है. इससे बचने के लिए जरूरी है कि घर में ही मेहंदी का पेस्ट बनाएं और उसे कोन में भरे ,

  1. सूखी हीना को चाय की पत्ती या कॉफी के पानी के साथ अच्छी तरह से घोल लें, ताकि इसमें गुठलियां न रह जाए।
  2. अब इस घोल को प्लास्टिक के कोन में डालकर ,हाथों पर मेहंदी आयल ज़रूर लगाए और अपनी मनपसंद डिजाइन हथेलियों पर बनाएं
  3. अगर सूखने के लिए अधि‍क इंतजार नहीं करना चाहतीं, तो अपनी हथेली को सावधानी पूर्वक गैस के करीब ले जा कर सेंक लगा लें।
  4. इसके बाद जब मेहंदी पूरी तरह सूख जाए उस पर नींबू और चीनी के घोल को लगाएं।
  5. मेहंदी का रंग गहरा चाहिए हो तो हथेलियों पर लौंग का धुंआ लगने दें।
  6. अगर रात के समय मेहंदी लगा रहीं हैं, मेहंदी को रचाने के लिए मेहंदी सूखने के बाद हाथों में ढीले दस्ताने पहन ले
  7. दस्ताने से आपके हाथों में गर्मी बनी रहे और रंग निखार के आएगा।
  8. सुबह उठकर मेहंदी को रगड़कर निकालें, फिर इस पर तेल लगा लें।
  9. मेहंदी लगाने के बाद इसका कलर डार्क करने के लिए मेहंदी लगे हाथों को पानी से दूर रखें. पानी के संपर्क में आने से मेहंदी का रंग फीका पड़ जाता है।
    (जहां तक हो सके मेहंदी को रात में ही लगाएं ताकि इसे सूखने के लिए जरूरी वक्त भी मिल जाए. अगर मेहंदी को सूखने के लिए कम से कम 12 घंटे या इससे ज्यादा का वक्त मिल जाए तो इससे मेहंदी काफी लंबे वक्त तक टिकी रहेगी।)
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