Healthy Tips – Live healthy life https://livehealthylife.in Live Healthy Live Long Mon, 29 Jun 2026 06:16:01 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.2.11 https://livehealthylife.in/wp-content/uploads/2017/02/logo-150x150.png Healthy Tips – Live healthy life https://livehealthylife.in 32 32 Hair growth | बालों की हर तरह की प्रॉब्लम से मिलेगा छुटकारा देसी घी – करे बालों की समस्या दूर https://livehealthylife.in/desee-ghee-best-remedy-for-hair/ https://livehealthylife.in/desee-ghee-best-remedy-for-hair/#respond Mon, 03 Mar 2025 01:25:58 +0000 http://livehealthylife.in/?p=3308 Desi Ghee best for hair growth : बालों में देसी घी लगाने से बालों की ग्रोथ जल्दी होती है।

देसी घी हमारी सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होती है, साथ ही यह बालों के लिए भी काफी लाभदायक होती है। आयुर्वेद का मानना है कि बालों में घी इस्तेमाल करने से बालों की ग्रोथ तो जल्दी बनती ही हैं, लेकिन इसके अलावा यह बालों की सुंदरता को बरकरार रखने में भी रहती है,परन्तु ध्यान रखे की देसी घी भारतीय गाय का ही होना चाहिए।

डेंड्रफ (dandruff)

अगर आपके बालों में डेंड्रफ हो तो आप अपने बालों के स्केल्प में देसी घी और बादाम के तेल की मसाज कर सकती हैं। ऐसा करने से आपको रूसी से छुटकारा मिल जाएगा। इसी के साथ स्केल्प में होने वाली सूखी त्वचा या फिर ड्राइनेस भी दूर हो जाएगी।

दो मुंहे बाल

अगर आपके बाल दो मुंहे हो तो चिंता ना करें। देसी घी के पास इसका भी समाधान है। देसी घी से स्केल्प पर मसाज करने से यह समस्या भी दूर हो जाती है। यह हमारे बालों को भरपूर पोषण देता है और काफी फायदेमंद होता है।

बालों की ग्रोथ (hair growth)

अगर आपके बालों की ग्रोथ काफी कम है तो आप अपने बालों में देसी घी से मालिश कर सकती हैं। इसके अलावा आप इसमें आंवला और प्याज का जूस भी मिला सकती हैं। इस उपचार को पंद्रह दिन में कम से कम एक बार करें। ऐसा करने से आपके बाल सुंदर होने के साथ ही लंबे भी होंगे।

उलझे बालों

देसी घी के इस्तेमाल से आप अपने उलझे बालों को आसानी से सुलझा सकती हैं। इसके लिए आपको देसी घी में जैतून का तेल मिलाकर अपने बालों में लगाना होगा। ऐसा करने से उलझे हुए बाल सुलझ जाएंगे।

बालों की चमक

बालों की प्राकृतिक चमक को वापस पाने के लिए आपको देसी घी को हल्का सा गुनगुना कर 20 मिनट के लिए अपने बालों पर मालिश करनी होगी। इसके बाद आप अपने बालों में नींबू का रस डालकर उसे 10 मिनट के लिए छोड़ दें। ऐसा करने के बाद बालों को अच्छी तरह से ठंड़े पानी से धो लें।

]]>
https://livehealthylife.in/desee-ghee-best-remedy-for-hair/feed/ 0
जलोदर नाशिनी मुद्रा: विधि, लाभ और सावधानियां | Jalodar Nashini Mudra https://livehealthylife.in/jalodhar-nashak-mudra-ascites-killer-pose-yoga/ https://livehealthylife.in/jalodhar-nashak-mudra-ascites-killer-pose-yoga/#respond Thu, 14 Mar 2024 05:23:56 +0000 https://livehealthylife.in/?p=74421 कोई भी योग मुद्रा करने से पहले शरीर और मन एक शांत होना आवश्यक है इसलिए सुखासन में बैठेमन शांत कर ले ।

अब अपनी छोटी ऊँगली को मोड़कर अंगूठे की मूल से लगा ले। अंगूठे से छोटी ऊँगली के मध्य भाग को हलके से दबाये।बाकि की तीनो उँगलियाँ सीधी रखे। यह मुद्रा जलोदर नाशिनी मुद्रा कहलाती है।

इस मुद्रा का अभ्यास नित्य सुबह खाली पेट सुखासन में बैठकर 30 मिनट तक करे व इस मुद्रा को दोनो हाथो से ही लगाये। (रोग या बीमारी के दूर करने के लिए नियमित अभ्यास अवश्य करे। इसका असर धीमी गति से होता है परन्तु रोग जड़ से समाप्त हो जाता है। )

जलोदर नाशिनी मुद्रा के लाभ 

  • इस मुद्रा से शरीर का जल तत्व घटता है, जल की अधिकता से होने वाले रोग नष्ट हो जाते है।
  • यदि नाक या आँखों से पानी आने लगे, नजला जुकाम हो , छाती से बलगम की समस्या हो जाये, तब  उसके लिए यह मुद्रा लाभकारी है।
  • फेफड़ों में पानी को कम करने में भी यह मुद्रा लाभकारी है।
  • यदि  किसी व्यक्ति के पेट में यदि पानी भर गया हो, तो यह मुद्रा जल को सुखा में सहायता करती है।
  • फेफड़ो में यदि पानी भर गया हो या शरीर में कहि भी पानी भर गया हो या पानी भरने से सूजन आ गई हो उसके लिए यह मुद्रा लाभकारी है।
  • यदि हाथी पांव (पैर का हाथी की तरह फूल जाना ) हो जाये, उसके लिए यह मुद्रा लाभकारी है।
  • थकान दूर होती है।
  • एसिडिटी दूर होती है।
  • भूख प्यास पर अधिक समय तक नियंत्रण हो पाता है।
  • शरीर की कमजोरी दूर होती है व्यक्ति पुनः सबल हो जाता है।
  • हाथों पैरों या चेहरे अपर आई सूजन दूर होती है।
  • लकवे के कारण खोई हुई ऊर्जा इस मुद्रा के अभ्यास से पुनः प्राप्त की जा सकती है।
  • इस मुद्रा से गर्मियों में भी बहुत लाभ मिलता है इस मुद्रा को लगाने से लूं नही लगती है।
  • इस मुद्रा को लगाने से हमारा शरीर को विषाक्त पदार्थ से मुक्ती मिल जाती है।

अतः यह मुद्रा शारीरिक मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास में सहायक होती है।

 

]]>
https://livehealthylife.in/jalodhar-nashak-mudra-ascites-killer-pose-yoga/feed/ 0
Namaskar mudra yoga | प्रणाम मुद्रा (नमस्कार मुद्रा) के हैरान कर देने वाले लाभ व महत्व https://livehealthylife.in/namaskar-mudra-yoga/ https://livehealthylife.in/namaskar-mudra-yoga/#respond Thu, 14 Mar 2024 03:57:14 +0000 https://livehealthylife.in/?p=74477 पहले के समय जब भी किसी से मिलते थे तो आदर स्वरुप दोनों हाथों को जोड़कर नमस्कार किया जाता था .
क्योंकि बड़े लोग जानते थे कि इससे अनेकों लाभ होते हैं ।

हम नमस्कार मुद्रा का प्रयोग प्रार्थना, ध्यान, मंत्र उच्चारण या किसी अतिथि के आने पर उसके स्वागत – सम्मान के लिए करते हैं, आजकल की समय में हम तो नमस्कार की मुद्रा बनाना भी भूल गए हैं।

चलिए जानते हैं अपनी भारतीय संस्कृति में मुद्रा को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान क्यों दिया गया है।

नमस्कार की मुद्रा बनाने के लिए हमें दोनों हाथ जोड़कर अंगूठे से अंगूठे को मिलाकर सीने के मध्य भाग जहां आत्मा का निवास माना जाता है उससे लगाना होता है। दोनों अंगूठों को आपस में मिलाकर कमल के फूल की भांति एक मुद्रा बनती है।

यही नमस्कार का की मुद्रा, यदि चाहे तो हाथों को सर के ऊपर की और सीधे जोड़कर भी आगे नमस्कार की मुद्रा ला सकते हैं।
इसके नित्य अभ्यास से दोनों हाथों को जोड़ने से अनेकों लाभ होते हैं।

चलिए आज इन लाभों को जानने का प्रयास करते हैं

प्रणाम मुद्रा करने से हाथों की मस्तिष्क संधि और मस्तिष्क की स्थिरता बढ़ती है। यह शारीरिक और मानसिक संतुलन को बढ़ावा देता है।

नमस्कार मुद्रा के लाभ

  1. नमस्कार मुद्रा से विनम्रता के भाव उत्पन्न होते हैं
  2. अहंकार मिटता है ।
  3. नमस्कार मुद्रा को करते समय मन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। यह बुद्धि का विकास और ध्यान को बढ़ावा देती है।
  4. हमारी याददाश्त बढ़ती है।
  5. आलस्य दूर होता है।
  6. सक्रियता आती है शरीर में आलस दूर भाग जाता है।
  7. रक्त शुद्ध होता है।
  8. शरीर स्वस्थ होता है हष्ट पुष्ट होता है।
  9. तनाव दूर हो जाता है।
  10. सूर्य नमस्कार की पहली स्थिति भी नमस्कार मुद्रा से ही शुरू होती है और यह हमें आंतरिक रूप से मजबूत बनाता है

नमस्कार मुद्रा

इन सभी लाभों के साथ, नमस्कार मुद्रा को नियमित रूप से करने से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। यह आध्यात्मिक साधना के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में भी मानी जाती है।

हिन्दू धर्म में इसी कारण नमस्कार मुद्रा अपनाई जाती है — पूजा में , निवेदन के लिए इस मुद्रा के द्वारा ही हम प्रार्थना करते हैं।
नित्य भी इसका अनेकों जगह प्रयोग किया जाता है किसी को श्रद्धांजलि देते हुए भी हम नमस्कार की मुद्रा में झुक कर ही किसी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
इसलिए आज से ही अपने भारतीय संस्कृति को जानते हुए, फिर से अधिक से अधिक इस नमस्कार मुद्रा का प्रयोग आरम्भ करें और अपनी सभ्यता, संस्कृति को पुनः जीवित करें।
समान मुद्रा के लाभ

]]>
https://livehealthylife.in/namaskar-mudra-yoga/feed/ 0
तेजी से वजन घटाने के लिए 4 आसान योगासन (Motapa Kaise Ghataye) https://livehealthylife.in/lose-weight-in-15-minutes/ https://livehealthylife.in/lose-weight-in-15-minutes/#comments Sat, 02 Dec 2023 06:08:07 +0000 http://livehealthylife.in/?p=496 तेजी से वजन घटाने के लिए 4 आसान योगासन (Motapa Kaise Ghataye)

बहुत ही आसान योग क्रिया है, इस प्रक्रिया को कही भी किया जा सकता है। यह योग क्रिया किसी भी समय की जा सकती है। यह योग क्रिया नियमित रूप से करने से कंधे, हाथों के विकार दूर होते है।

योग क्रिया कैसे करे –

  • जमीन पर सुखासन में (आराम पूर्वक) बैठे ।
  • दोनों हाथ सामने तानते हुए अब अपनी मुट्ठियाँ बंद करें, खोले, बंद करें, खोले.
  • जैसे लड्डू बनाते है।
  • 15 मिनट तक नित्य यह क्रिया करें ।
  • पूरी क्रिया में हाथों की स्थिति तनी हुई रहेगी ।

यह क्रिया नियमित रूप से करने से से कंधे, हाथों के विकार दूर होते है शरीर का मल (चर्बी ) नष्ट होता है, मोटापा दूर होता है ।

]]>
https://livehealthylife.in/lose-weight-in-15-minutes/feed/ 1
आज से शुरू कर दें ये काम, नेचुरल तरीकों से तेजी से घट जाएगा वजन | कैसे करे मोटापा दूर How to lose weight https://livehealthylife.in/how-to-lose-weight/ https://livehealthylife.in/how-to-lose-weight/#respond Sat, 02 Dec 2023 04:24:47 +0000 http://livehealthylife.in/?p=1821 मोटापा है क्या

जब शरीर में आपके द्वारा खाये गए भोजन में कैलोरीज़ की मात्रा अधिक हो जाये ,या शरीर उतनी कैलोरीज़ (ऊर्जा) खर्च न कर पाए और यह वसा के रूप में आपके शरीर में इकठी होती जाये और आपका वजन इस कारण बढ़ने लगे उस अवस्था को मोटापा कहते है।

एक स्वस्स्थ  व्यक्ति का वज़न कितना होना चाहिए यह उसके कद और वज़न के अनुपात पर निर्भर करता है जिसे BMI कहते है  यदि किसी का BMI अधिक है तब वह व्यक्ति मोटे व्यक्ति की श्रेणी में आएगा।

मोटापा के लिए घटक

मोटापा के लिए कई घटक जिम्मेदार हो सकते है।

  • गलत खानपान
  • गलत जीवन शैली
  • डिप्रेशन/ चिंता /तनाव
  • ज़ंक फ़ूड
  • अधिक घी  तेल  मसाले वाला खाना

कैसे करे मोटापा दूर How  to lose weight

  • सुबह की सैर आपको शुद्ध हवा के साथ आपको स्वास्थ्य लाभ भी देती है।
  • प्रातः उठते ही एक गिलास गुनगुने पानी में 1 चम्मच शहद और आधा नींबू पीने से आपका पेट साफ रहेगा।
  • चाय कम से कम पीनी चाहिए चाय में डाली गई चीनी और दूध से अधिक केलोरी आपके शरीर में पहुँच जाती है।इसकी बजाय
  • छाछ व दही का सेवन  इसमें मौजूद विटामिन-बी आपके वज़न को कम करने के साथ आपकी त्वचा को तेज और चमक प्रदान करता है।
  • पुरे दिन में पानी अधिक से अधिक पिए।
  • अपने भोजन खाने का समय निश्चित करे।
  • सब्जियों और फलों में कैलोरी कम होती है, इसलिए इनका सेवन अधिक मात्रा में करें।
  • खाने के पहले सलाद में काली मिर्च व नमक डालकर खाएं। इनसे शरीर को विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन के, आयरन, पोटैशियम मिलेेगा। इन्हें खाने के बाद खाने से पेट जल्दी भर जाएगा और वजन नियंत्रित हो जाएगा।
  • भोजन से 1/2 घंटे पहले और १ घंटे बाद में पानी न पिए, जिससे से आपका द्वारा किये भोजन का पूरा पोषण आपको मिल सके।
  • केक पेस्ट्री जैम चेविंगम चाय कॉफी दूध मक्खन बिस्कुट नमकीन अधिक् केलोरी देने वाली वस्तुओं का त्याग करे।
  • पूरी समोसा कचौरी ,मिठाइयाँ और ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली वस्तुओं से परहेज करें। शक्कर, आलू और चावल में अधिक कार्बोहाइड्रेट होता है। ये चर्बी बढ़ाते हैं।
  • रात को सोने से ३ -४ घंटे पहले हल्का भोजन कर लेना चाहिए।
  • जो लोग वज़न कम करना चाहते है उन्हें रात को सोने से पहले दूध नहीं पीना चाहिए।
  • रात को समय से सोकर सुबह जल्दी उतर सैर करने की आदत डाले ,जीवन शैली में बदलाव से भी प्रभाव पड़ता है। इसके आलावा
  • एक गिलास पानी में आधा नींबू एक चम्मच शहद और थोड़ी सी काली मिर्च डालकर सुबह पिए यह शरीर के वसा और विषाक्त पदार्थो को बाहर निकलंर के सहायक है।
  • एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका और आधा नींबू मिला कर पिए, शरीर के विषाक्त पदार्थो तो साफ होंगे ही लिवर का कार्य क्षमता भी बढ़ेगी।
  • शहद और अदरक का मिलाकर सेवन करे इससे पाचन शक्ति बढ़ती है बार बार भूख नहीं लगती शरीर में वसा की मात्रा में  कमी होती है।
  • खाने के बाद सौंफ खाये पाचन आसानी से होगा पेट हल्का रहेगा अधिक भूख का एहसास नहीं रहेगा।
  • मोटापे के साथ यदि कोलेस्ट्रॉल बड़ा है तो अश्वगंधा के पत्तो का काढ़ा बनाकर  सुबह सेवन करे।
  • दिन में कई बार गुनगुने पानी को घूंट घूंट कर के पिए , शरीर के जमा वसा धीरे धीरे पिघलेगा।
  • तनाव में न रहे खुश रहने का प्रयास करे।
]]>
https://livehealthylife.in/how-to-lose-weight/feed/ 0
नेत्र ज्योति मुद्रा | आँखों की ज्योति बढ़ाने वाली योग मुद्रा – Improve your eyesight by yoga Mudra hindi https://livehealthylife.in/improve-your-eyesight-by-yoga-mudra-hindi/ https://livehealthylife.in/improve-your-eyesight-by-yoga-mudra-hindi/#respond Thu, 23 Nov 2023 06:57:11 +0000 https://livehealthylife.in/?p=74289 नेत्र ज्योति मुद्रा
  • सबसे पहले, आराम से बैठें।
  • अपनी तर्जनी उँगली को मोड़ ले।
  • अब इसे अँगूठे के मूल में लगा ले।
  • बाकि सभी उँगलियाँ सीधी रखे।
  • प्रातः सांय 15-15 मिनट  इस के नियमित अभ्यास से लाभ होता  है।
  • आप इस मुद्रा के दिन में ४ से ६ बार के अभ्यास से आँखों के अनेक रोगो से मुक्ति पा  सकते है।
  • आँखों की ज्योति बढ़ाने वाली योग मुद्राएँँ।

नेत्र ज्योति मुद्रा के लाभ :-

  • आँखों के अनेक रोगो में इस मुद्रा के अभ्यास से लाभ मिलता है।
  • आँखों में जाला आ जाना , कम  दिखना
  • आखों की रौशनी बढ़ाने वाली लाभकारी मुद्रा।
  • जिन छोटे बच्चों को चश्मा लग जाये, नेत्र ज्योति मुद्रा से चश्मा उतर जाता है।
  • इसके आलावा आँख का फूल जाना आदि रोगों में यह मुद्रा लाभ पहुँचाती है

 

 

]]>
https://livehealthylife.in/improve-your-eyesight-by-yoga-mudra-hindi/feed/ 0
वरुण मुद्रा करने का तरीका और लाभ  – Varun Mudra steps and benefits in Hindi https://livehealthylife.in/varun-mudra-pose-steps-benefits-in-hindi/ https://livehealthylife.in/varun-mudra-pose-steps-benefits-in-hindi/#respond Mon, 20 Nov 2023 05:33:21 +0000 https://livehealthylife.in/?p=5563 वरुण मुद्रा करने का तरीका
  • कनिष्ठा अंगुली को अंगूठे से लगाकर रखें।
  • सबसे पहले, आराम से बैठें।
  • अब दोनों हाथों की छोटी उंगली को अंगूठे के आधार पर रखें।
  • अन्य उंगलियों को सीधा रखें।
  • इस मुद्रा को करने के लिए कोई निश्चित समय नहीं है।
  • यह मुद्रा आप कभी भी कर सकते हैं।

वरुणमुद्रा के लाभ 

  • इसे करने से शरीर का रूखापन ख़त्म होता है और त्वचा चमकीली और मुलायम बनती है।
  • चर्म  रोग और रक्त से जुड़े रोगों में फायदेमंद है।
  • मुहांसे दूर करती है।
  • जल तत्व की कमी से होने वाले रोग दूर होते हैं।
  • चेहरे की सुन्दरता बढ़ती है।

वरुण मुद्रा करने में क्या सावधानी  

इस बात का ध्यान रखें कि आपको अपनी छोटी उंगली के नाखून के पास दबाव नही बनाना है। इससे शरीर में पानी का स्तर संतुलित होने की बजाए असंतुलित हो सकती है।

]]>
https://livehealthylife.in/varun-mudra-pose-steps-benefits-in-hindi/feed/ 0
 शक्ति मुद्रा के लाभ, करने की विधि – Shakti Mudra benefits and how to do this in Hindi https://livehealthylife.in/shakti-mudra-benefits-and-how-to-do-this-in-hindi/ https://livehealthylife.in/shakti-mudra-benefits-and-how-to-do-this-in-hindi/#respond Mon, 25 Sep 2023 08:11:21 +0000 https://livehealthylife.in/?p=74278  शक्ति मुद्रा के लाभ, करने की विधि – Shakti Mudra benefits and how to do this in Hindi

शक्ति का आह्वान करने के लिए योग और ध्यान में उपयोग किया जाने वाला एक सामान्य हाथ की  मुद्रा ही शक्ति मुद्रा है। संस्कृत में, “शक्ति” शब्द पहली ब्रह्मांडीय ऊर्जा की ओर संकेत करता है और उन गतिशील शक्तियों के लिए है जो पूरे ब्रह्मांड में यात्रा करती हैं। शरीर में ऊर्जा प्रवाह को निर्देशित और नियंत्रित करने के लिए मुद्राओं का अक्सर उपयोग किया जाता है।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप इसे सही तरीके से कर रहे हैं, हमेशा एक अनुभवी शिक्षक की  सलाह ले और उसकी देख रेख में मुद्राओं का अभ्यास करे ।

how to make shakti mudra

शक्ति मुद्रा कैसे करें

पदमासन या सुखासन में बैठकर अपने दोनों अंगूठे अंदर मोड़कर दोनों हाथों की  मुटि्ठयां बनाने ले तर्जनी और मध्यमा से अंगूठे को दबाये, यह शक्ति मुद्रा कहलाती है।

शक्ति मुद्रा को करने का और भी तरीके है, दोनों हाथों अंगूठे अंदर मोड़कर दोनों हाथों की  मुटि्ठयां बनाने के बाद  तर्जनी और मध्यमा को मिलाकर खड़ा कर दे।

अपनी पीठ सीधी रखते हुए और अपने हाथों को अपने घुटनों पर या अपनी गोद में रखते हुए, आपको ध्यान केंद्रित करने में मदद करने के लिए आरामदायक ध्यान मुद्रा, जैसे पद्मासन या सुखासन में बैठ जाएं।
अपनी आँखें बंद करें और कुछ गहरी साँसें लें।
दोनों हाथों की अनामिका और छोटी उंगलियों को जोड़ लें।
अपने अंगूठे की नोक को छूते हुए शेष दो उंगलियों की तर्जनी और मध्यमा उंगलियों को हथेलियों में मोड़ें और हाथों को अलग करके एक त्रिकोण बनाएं।
आपके हाथ आपकी गोद में होने चाहिए और हथेलियाँ ऊपर की ओर होनी चाहिए।

शक्ति मुद्रा के अभ्यास सुबह शाम 15-15  करेऔर लाभ देखे।

शक्ति मुद्रा लाभ 

  • पार्किंसन रोग दूर होता है।
  • शारीरिक शक्ति का विकास होता  है।
  • शरीर की कमजोरी हटाई जा सकती है। खेलकूद करने वालो के लिए ये मुद्रा लाभदायक है
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती । शरीर ऊर्जावान बनता है।
  • चेहरा पर तेज आता है गुस्सा दूर होता है।
  • यह मुद्रा  तनाव ग्रस्त लोगों, अनिद्रा, स्लिप डिस्क और पीठ दर्द में खासतौर से उपयोगी है।
  • मानसिक विश्राम पर ध्यान केंद्रित करके नींद की समस्याओं और अनिद्रा को कम करना।
  • शारीरिक श्रम करने वालों के लिए यह मुद्रा  खासतौर से उपयोगी है।

]]>
https://livehealthylife.in/shakti-mudra-benefits-and-how-to-do-this-in-hindi/feed/ 0
जायफल के फायदे , जो आपने नहीं सुने होंगे, nutmeg benefits in Hindi https://livehealthylife.in/nutmeg-benefits-hindi/ https://livehealthylife.in/nutmeg-benefits-hindi/#respond Fri, 22 Sep 2023 06:59:21 +0000 https://livehealthylife.in/?p=5101 जायफल के ऐसे फायदे, जो आपने नहीं सुने होंगे Nutmeg Benefits in Hindi

● रसोई का मसाला जायफल गुणकारी औषधि भी है।
● आयुर्वेद में जायफल को वात एवं कफ नाशक बताया गया है।
● आमाशय के लिए उत्तेजक होने से आमाशय में पाचक रस बढ़ता है, जिससे भूख लगती है। आंतों में पहुंचकर वहां से गैस हटाता है।
● ज्यादा मात्रा में यह मादक प्रभाव करता है। इसका प्रभाव मस्तिष्क पर कपूर के समान होता है, जिससे चक्कर आना, प्रलाप आदि लक्षण प्रकट होते हैं।
● इससे कई बीमारियों में लाभ मिलता है तथा सौन्दर्य सम्बन्धी कई समस्याओं से भी निजात मिलती है।
जानिये कुछ और अदभुत फायदे…

जायफल किस बीमारी में काम आता है

1. सुबह-सुबह खाली पेट आधा चम्मच जायफल चाटने से गैस्ट्रिक, सर्दी खांसी की समस्या नहीं सताती है। पेट दर्द होने पर चार से पांच बूंद जायफल का तेल चीनी के साथ लेने से आराम मिलता है।

2. बहुत तेज सिर दर्द हो रहा हो तो जायफल को पानी में घिस कर लगाएं।

3. सर्दी के मौसम के दुष्प्रभाव से बचने के लिए जायफल को थोड़ा सा खुरचिये, चुटकी भर कतरन को मुंह में रखकर चूसते रहिये। यह काम आप पूरे जाड़े भर एक या दो दिन के अंतराल पर करते रहिये। यह शरीर की स्वाभाविक गरमी की रक्षा करता है, इसलिए ठंड के मौसम में इसे जरूर प्रयोग करना चाहिए।

4. आपको किन्हीं कारणों से भूख न लग रही हो तो चुटकी भर जायफल की कतरन चूसिये इससे पाचक रसों की वृद्धि होगी और भूख बढ़ेगी, भोजन भी अच्छे तरीके से पचेगा।

5. दस्त आ रहे हों या पेट दर्द कर रहा हो तो जायफल को भून लीजिये और उसके चार हिस्से कर लीजिये एक हिस्सा मरीज को चूस कर खाने को कह दीजिये। सुबह शाम एक-एक हिस्सा खिलाएं।

6. फालिज का प्रकोप जिन अंगों पर हो उन अंगों पर जायफल को पानी में घिसकर रोज लेप करना चाहिए, दो माह तक ऐसा करने से अंगों में जान आ जाने की संभावना देखी गयी है।

जायफल खाने के फायदे और नुकसान

7. प्रसव के बाद अगर कमर दर्द नहीं ख़त्म हो रहा है तो जायफल पानी में घिसकर कमर पे सुबह शाम लगाएं, एक सप्ताह में ही दर्द गायब हो जाएगा।

8. फटी एडियों के लिए इसे महीन पीसकर बीवाइयों में भर दीजिये तो 12-15 दिन में ही पैर भर जायेंगे।

9. जायफल के चूर्ण को शहद के साथ खाने से ह्रदय मज़बूत होता है। पेट भी ठीक रहता है।

10. अगर कान के पीछे कुछ ऎसी गांठ बन गयी हो जो छूने पर दर्द करती हो तो जायफल को पीस कर वहां लेप कीजिए जब तक गाठ ख़त्म न हो जाए, करते रहिये।

11.अगर हैजे के रोगी को बार-बार प्यास लग रही है, तो जायफल को पानी में घिसकर उसे पिला दीजिये।
जी मिचलाने की बीमारी भी जायफल को थोड़ा सा घिस कर पानी में मिला कर पीने से नष्ट हो जाती है।

12. इसे थोडा सा घिसकर काजल की तरह आँख में लगाने से आँखों की ज्योति बढ़ जाती है और आँख की खुजली और धुंधलापन ख़त्म हो जाता है।

13. यह शक्ति भी बढाता है।

14. जायफल आवाज में सम्मोहन भी पैदा करता है।

जायफल के फायदे फेस के लिए

15. जायफल और काली मिर्च और लाल चन्दन को बराबर मात्रा में लेकर पीसकर चेहरे पर लगाने से चेहरे की चमक बढ़ती है, मुहांसे ख़त्म होते हैं।

16. किसी को अगर बार-बार पेशाब जाना पड़ता है तो उसे जायफल और सफ़ेद मूसली 2-2 ग्राम की मात्र में मिलाकर पानी से निगलवा दीजिये, दिन में एक बार, खाली पेट, 10 दिन लगातार।

17. बच्चों को सर्दी-जुकाम हो जाए तो जायफल का चूर्ण और सोंठ का चूर्ण बराबर मात्रा में लीजिये फिर 3 चुटकी इस मिश्रण को गाय के घी में मिलाकर बच्चे को सुबह शाम चटायें।

18. चेहरे पर या फिर त्वचा पर पड़ी झाईयों को हटाने के लिए आपको जायफल को पानी के साथ पत्थर पर घिसना चाहिए।
घिसने के बाद इसका लेप बना लें और इस लेप का झाईयों की जगह पर इस्तेमाल करें, इससे आपकी त्वचा में निखार भी आएगा और झाईयों से भी निजात मिलेगी।

19. चेहरे की झुर्रियां मिटाने के लिए आप जायफल को पीस कर उसका लेप बनाकर झुर्रियों पर एक महीने तक लगाएंगे तो आपको जल्द ही झुर्रियों से निजात मिलेगी।

20 आंखों के नीचे काले घेरे हटाने के लिए रात को सोते समय रोजाना जायफल का लेप लगाएं और सूखने पर इसे धो लें।
कुछ समय बाद काले घेरे हट जाएंगे।

21. अनिंद्रा का स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है और इसका त्वचा पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है।
त्वचा को तरोताजा रखने के लिए भी जायफल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए आपको रोजाना जायफल का लेप अपनी त्वचा पर लगाना होगा। 

22. कई बार त्वचा पर कुछ चोट के निशान रह जाते हैं तो कई बार त्वचा पर नील और इसी तरह के घाव पड़ जाते हैं।
जायफल में सरसों का तेल मिलाकर मालिश करें। जहां भी आपकी त्वचा पर पुराने निशान हैं रोजाना मालिश से कुछ ही समय में वे हल्के होने लगेंगे। जायफल से मालिश से रक्त का संचार भी होगा और शरीर में चुस्ती-फुर्ती भी बनी रहेगी।

23. जायफल के लेप के बजाय जायफल के तेल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

24. दांत दर्द होने पर जायफल का तेल रुई पर लगाकर दर्द वाले दांत या दाढ़ पर रखें, दर्द तुरंत ठीक हो जाएगा।
अगर दांत में कीड़े लगे हैं तो वे भी मर जाएंगे।

25. पेट में दर्द हो तो जायफल के तेल की 2-3 बूंदें एक बताशे में टपकाएं और खा लें।
जल्द ही आराम आ जाएगा।

26. जायफल को पानी में पकाकर उस पानी से गरारे करें ,मुंह के छाले ठीक होंगे, गले की सूजन भी जाती रहेगी।

27. जायफल को कच्चे दूध में घिसकर चेहरें पर सुबह और रात में लगाएं।
मुंहासे ठीक हो जाएंगे और चेहरे निखारेगा।

28. एक चुटकी जायफल पाउडर दूध में मिला कर लेने से सर्दी का असर ठीक हो जाता है।
इसे सर्दी में प्रयोग करने से सर्दी नहीं लगती।

29. सरसों का तेल और जायफल का तेल 4:1 की मात्रा में मिलाकर रख लें।
इस तेल से दिन में 2-3 बार शरीर की मालिश करें। जोड़ों का दर्द, सूजन, मोच आदि में राहत मिलेगी। इसकी मालिश से शरीर में गर्मी आती है, चुस्ती फुर्ती आती है और पसीने के रूप में विकार निकल जाता है।

30. जायफल, सौंठ और जीरे को पीसकर चूर्ण बना लें।
इस चूर्ण को भोजन करने से पहले पानी के साथ लें। गैस और अफारा की परेशानी नहीं होगी।

31. दस जायफल लेकर देशी घी में अच्छी तरह सेंक लें। उसे पीसकर छान लें। अब इसमें दो कप गेहूं का आटा मिलाकर घी में फिर सेकें।
इसमें शक्कर मिलाकर रख लें। रोजाना सुबह खाली पेट इस मिश्रण को एक चम्मच खाएं, बवासीर से छुटकारा मिल जाएगा।

32. नींबू के रस में जायफल घिसकर सुबह-शाम भोजन के बाद सेवन करने से गैस और कब्ज की तकलीफ दूर होती है।

बच्चों को जायफल के फायदे

33. शिशु का दूध छुड़ाकर ऊपर का दूध पिलाने पर यदि दूध पचता न हो तो दूध में आधा पानी मिलाकर, इसमें एक जायफल डालकर उबालें। इस दूध को थोडा ठण्डा करके कुनकुना गर्म, चम्मच कटोरी से शिशु को पिलाएँ, यह दूध शिशु को हजम हो जाएगा।

]]>
https://livehealthylife.in/nutmeg-benefits-hindi/feed/ 0
भांग का नशा उतारने के अचूक उपाय – Tips for Bhang Hangover https://livehealthylife.in/tips-for-bhang-hangover/ https://livehealthylife.in/tips-for-bhang-hangover/#respond Sat, 18 Feb 2023 15:48:35 +0000 http://livehealthylife.in/?p=2643 भांग का नशा उतारने के अचूक उपाय – Tips for Bhang Hangover

घरेलू उपाय

  • अमरुद के सेवन या इसके पत्तों का रस पीने से भांग का नशा उतर जाता है।
  • भांग का नशा ज्यादा चढ गया हो तो पकी ईमली का ३० ग्राम २५० ग्राम पानी में भिगोकर, मथकर, छानकर उसमें ३० ग्राम गुड मिलाकर यह इमली का पानी पिलाएं।
  • अगर भांग का नशा ज्यादा चढ गया हो तो पकी ईमली का पना बनाकर उसका सेवन कर सकते हैं।
  • भांग का नशा उतारने के लिए छाछ पिलाएं अथवा नींबू का अचार खाने को दें।
  • अगर भांग पीने के बाद बहुत अधि‍क नशा हो, तो सरसों का तेल हल्का गुनगुना करके संबंधि‍त व्यक्ति के कान में डाल दें। एक-दो बूंद सरसों का तेल दोनों कानों में डालें।
  • ताज़ा नारियल पानी भी नशा उतारने के लिए बहुत अच्छा विकल्प है।

भांग के नशे में ये चीजे लेने से बचे

  • भांग के नशे के बाद कोई भी मीठी चीजे ना ले।
  • भांग के नशे के बाद हेवी डाइट न लें।
]]>
https://livehealthylife.in/tips-for-bhang-hangover/feed/ 0